*दीवाने झूलेलाल साईं के नाम के संस्था का होली मिलन समारोह और सामूहिक जन्मदिवस कार्यक्रम सोमवार रात्रि*
खंडवा-जय श्री झूलेलाल के पावन उद्घोष के साथ सिंधी समाज में सामाजिक एकता और भाईचारे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अनुकरणीय पहल निरंतर जारी है। ‘दीवाने झूलेलाल साईं के नाम के’ सामाजिक संस्था द्वारा समाज के युवाओं एवं वरिष्ठजनों का जन्मदिवस एक साथ मनाकर सामूहिकता और समरसता का सशक्त संदेश दिया जा रहा है।
इसी तारतम्य में सोमवार 2 मार्च को रात्रि 9.30 बजे श्री झूलेलाल मंदिर,सिंधी कॉलोनी,खंडवा में होली मिलन समारोह के साथ सामूहिक जन्मोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।रंगों के पर्व होली की उमंग और जन्मदिन की खुशियों का यह संगम समाज के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।कार्यक्रम में सामूहिक जन्मदिवस मनाकर सामाजिक समरसता का संदेश दिया जाएगा।उल्लेखनीय है कि अब तक 1600 से भी अधिक समाजजन का जन्मदिवस उक्त संस्था मना चुकी है।
*सामाजिक समरसता का सशक्त संदेश*
आयोजक समिति के विक्रम सजवानी और जैकी रेवतानी के अनुसार, सामूहिक जन्मोत्सव का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत जन्मदिन मनाना नहीं,बल्कि समाज में आपसी सहयोग,संवाद और सम्मान की भावना को सुदृढ़ करना है। जब विभिन्न आयु वर्ग के लोग एक साथ मंच साझा करते हैं, तो पीढ़ियों के बीच आत्मीय संवाद स्थापित होता है।इससे सामाजिक रिश्ते मजबूत होते हैं और समुदाय में एकता की भावना और अधिक प्रगाढ़ होती है।
*होली के रंगों में घुलता अपनापन*
होली मिलन समारोह में पारंपरिक शुभकामनाओं के साथ स्नेहिल मिलन का वातावरण रहेगा।रंगों के इस पर्व पर समाजजन एक-दूसरे को शुभकामनाएं देकर आपसी मतभेद भुलाने और नए सिरे से संबंधों को मजबूत करने का संकल्प लेंगे।सामूहिक जन्मोत्सव इस उत्सव में विशेष गरिमा जोड़ देगा, जहां जन्मदिन मनाने वाले सदस्यों का सार्वजनिक रूप पुष्पहार से भावनात्मक सम्मान किया जाएगा।जन्मोत्सव के उस बहुचर्चित कार्यक्रम को सफल बनाने होने के लिए कमल नागपाल,किशोर चंदवानी,जैकी रेवतानी,विक्रम सहजवानी,साहिल मंगवानी,नीरज फतवानी,अजय विधानी और हरीश रिझवानी कार्यक्रम की तैयारियों में लगे हुए हैं।संचालन कमल नागपाल करेंगे।
*समाज जन से सहभागिता का आह्वान*
आयोजकों ने सिंधी समाज के सभी सदस्यों से आग्रह किया है कि वे मित्र मंडली सहित निर्धारित समय पर श्री झूलेलाल मंदिर पहुंचकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएं। यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक परंपरा और सामूहिक आनंद का प्रतीक है।
जैकी रेवतानी ने कहा है कि होली मिलन एवं सामूहिक जन्मोत्सव का यह प्रयास इस बात का प्रमाण है कि जब समाज अपनी खुशियों को साझा करता है, तो वह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामूहिक चेतना और सामाजिक सशक्तिकरण का माध्यम बन जाता है।









