
*विधि एजुकेशन सोसायटी व सक्षम खण्डवा ने मनाया विश्व एनजीओ दिवस*
खण्डवा। खण्डवा में विश्व एनजीओ दिवस के अवसर पर विधि एजुकेशन वेलफेयर सोसायटी भोपाल एवं सक्षम संस्था खण्डवा द्वारा नेत्रहीन आश्रम, गणेश तलाई में सेवा, सहयोग और जागरूकता पर आधारित कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
नारायण बाहेती ने बताया कि वक्ताओं ने विश्व एनजीओ दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि गैर-सरकारी संगठन समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करते हैं।मोना दफ्तरी ने कहाकि शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, मानवाधिकार, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक न्याय जैसे क्षेत्रों में एनजीओ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। समाज और प्रशासन के बीच सेतु बनकर ये संस्थाएं जागरूकता, सहायता और विकास के कार्यों को गति देती हैं।
वैश्विक स्तर पर इस दिवस की सार्थकता को समझते हुए साप्ताहिक सेवा कार्यक्रम के प्रथम दिवस नेत्रहीन भाईयों के बीच शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अधिकारों को लेकर सहयोगी चर्चा की गई। इस दौरान उपस्थितजनों ने सामाजिक सहभागिता के माध्यम से दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत भजन संध्या का आयोजन किया गया तथा होली पर्व उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, जिससे आश्रम में उत्सवमय वातावरण निर्मित हुआ। सक्षम संस्था खण्डवा के अध्यक्ष नारायण बाहेती ने नेत्रदान एवं नेत्र ज्योति की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी देते हुए अधिक से अधिक लोगों को इस पुनीत कार्य से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज का सहयोग सदैव सकारात्मक परिणाम देता है और यह सेवा निरंतर जारी रहेगी।वेलनेस कोच नीलम त्रिपाठी दुबे ने स्वास्थ्य जागरूकता, योग एवं संतुलित जीवनशैली के महत्व पर उपयोगी जानकारी प्रदान की। सामाजिक कार्यकर्ता सुषमा गड़वाल ने आश्रम के संचालन हेतु निरंतर सहयोग का संकल्प लिया। संस्था द्वारा पूर्व में लिए गए सेवा संकल्प को पुनः स्थापित करते हुए आश्रम में निवासरत सभी नेत्रहीन भाइयों के लिए विधिक सेवा, विधिक शिक्षा एवं आवश्यक सहयोग प्रदान करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।इस अवसर पर आश्रम के संचालक नंदराम अवचे,विधि एजुकेशनल वेलफेयर सोसायटी,सक्षम संस्था व लायन्स क्लब खण्डवा के सदस्य उपस्थित रहे।नन्दराम अवचे ने आयोजन की सराहना करते हुए सभी का आभार माना।






