“जी.राम.जी” योजना से ग्रामीणों की आय बढ़ेगी व ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी
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खण्डवा//भारत सरकार द्वारा ग्रामीणों के रोजगार अधिकारों को सशक्त बनाने, पारदर्शी मजदूरी भुगतान प्रणाली सुनिश्चित करने तथा पंचायत आधारित योजना के क्रियान्वयन को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से “विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन की गारंटी मिशन-ग्रामीण” अधिनियम लागू किया गया है। जिला पंचायत के सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने बताया कि “विकसित भारत-जी.राम.जी.” अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार अब ग्रामीणों के लिए 125 दिवस का रोजगार की वैधानिक गारंटी होगी। उन्होंने बताया कि “विकसित भारत-जी.राम.जी.” अधिनियम के तहत दैनिक मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक अथवा अधिकतम 15 दिवस के भीतर किया जाना अनिवार्य है। सभी परिसंपत्तियों को विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसरंचना स्टैक में एकीकृत किया जायेगा। ग्राम स्तर पर विकसित भारत ग्राम पंचायत योजना के माध्यम से विकेन्द्रीकृत योजना निर्माण किया जाएगा।
जिला पंचायत के सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने बताया कि “विकसित भारत-जी.राम.जी.” अधिनियम के तहत रोजगार सृजन को जिन प्रमुख क्षेत्रों से जोड़ा गया है, उनमें जल सुरक्षा संबंधी कार्य, मूलभूत ग्रामीण अवसंरचना, चक्रवात, बाढ़ जैसे मौसमी घटनाओं से निपटने के लिए विशेष कार्य शामिल है। इस योजना की लागत साझेदारी में सामान्यतः केन्द्र व राज्य सरकार का 60 व 40 का अनुपात रहेगा। “विकसित भारत-जी.राम.जी.” के तहत कराए जाने वाले कार्यों का प्रत्येक 6 माह में सामाजिक अंकेक्षण किया जाना अनिवार्य किया गया है। इस योजना के तहत श्रमिकों की डिजिटल उपस्थिति, आधार पंजीयन आधारित भुगतान व्यवस्था, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी का प्रावधान है। “विकसित भारत-जी.राम.जी.” अधिनियम 2025 के लागू होने से निश्चित ही ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलेगा।
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