
*केंद्र एवं राज्य सरकार के खिलाफ विरोध दिवस पर भारतीय मजदूर संघ ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा*
खंडवा। भारतीय मजदूर संघ द्वारा केंद्र एवं राज्य सरकार की श्रमिक-विरोधी नीतियों के विरोध में आयोजित “विरोध दिवस” के अंतर्गत आज विशाल रैली निकालकर धरना-प्रदर्शन किया गया तथा तत्पश्चात जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन मोहन यादव के नाम सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रेषित किया गया।
विरोध दिवस के अवसर पर संघ पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने एकत्र होकर रैली निकाली और जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करते हुए श्रमिकों एवं कर्मचारियों की लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रमिक साथी, विभिन्न यूनियनों के कर्मचारी, संघों एवं महासंघों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
ज्ञापन में औद्योगिक संबंध संहिता में श्रमिक हितों की सुरक्षा, इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस का आयोजन, त्रिपक्षीय समितियों का पुनर्गठन, योजना एवं संविदा कर्मियों का नियमितीकरण, EPS-95 के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन ₹7500 प्रतिमाह करने, बैंकिंग क्षेत्र में 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने तथा पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही।
इसके अतिरिक्त मध्यप्रदेश में कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के नियमितीकरण, मानदेय का समय पर भुगतान, सेवा निवृत्ति उपरांत पेंशन एवं आकस्मिक मृत्यु पर आर्थिक सहायता प्रदान करने, विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती एवं वेतनमान विसंगतियों के निराकरण की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष राजीव मालवीय, जिला सहमंत्री राकेश मालवीय, विधि सलाहकार सुभाष केशोरे, कार्यालय मंत्री योगेश पटेल एवं एन.के. सोनी उपस्थित रहे। सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर ने ज्ञापन प्राप्त करते हुए उसे माननीय मुख्यमंत्री तक विधिवत भेजे जाने की अनुशंसा की।
इस कार्यक्रम में राज्य कर्मचारी संघ, पटवारी संघ, पंचायत सचिव संघ, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ, कोटवार संघ, आशा कार्यकर्ता संघ, पेसा मोबिलाइजर संघ, श्री सदगुरू श्रमिक संघ दोंगलिया, ताप विद्युत उत्पादन परियोजना कर्मचारी संघ, संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, ठेका श्रमिक संघ, आउटसोर्स कर्मचारी संघ, अकुशल श्रमिक संघ, सफाई मजदूर संघ, बिजली कर्मचारी संघ सहित अन्य विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी संगठनों ने सक्रिय सहभागिता की।
जिला मंत्री प्रवीण शर्मा ने कहा कि यदि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन आंदोलन को और तेज करेगा।









