
पीडिता के साथ दुष्कर्म कर हत्या करने वाले आरोपी को न्यायालय द्वारा
तिहरा आजीवन कारावास एवं अर्थदण्ड से किया गया दंडित
खंडवा, 18 फरवरी 2026
माननीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश न्यायालय तहसील हरसूद जिला खंडवा द्वारा जद्यन्य एवं चिन्हित प्रकरण मे निर्णय पारित करते हुए आरोपी हरिराम उर्फ हरि पिता रामचन्द्र पालवी जाति कोरकु उम्र 40 साल निवासी ग्राम ईटवा थाना खालवा जिला खंडवा को धारा 64 बी.एन.एस. मे आजीवन कारावास एवं 10000- रूपये अर्थदण्ड, धारा 66 बी.एन.एस. मे आजीवन कारावास (शेष प्राकृत जीवनकाल के लिये) व 10000/- रूपये अर्थदण्ड, धारा 103(1) बीएनएस में आजीवन कारावास व 10000/- रूपये अर्थदण्ड से दंडित किया गया।
दिनांक 24.05.2025 को फरियादी ने थाना खालवा को रिपोर्ट किया गया कि दिनांक 23.05.2025 को गांव मे बालाराम के यहां उसकी लडकी की शादी थी वह उसके परिवार के साथ शादी में गया था, उसकी मां भी शादी मे गई थी, वहा लोग खाना खाकर शाम के समय घर पर आ गये साथ मे मेरी मां भी आ गयी थी, शाम करीबन 6-7 बजे के बीच ज्योति नाम की महिला जो रोशनी की रहने वाली है, उसको छोडने के लिये उसके खेत तरफ उसकी मां गयी थी रात के समय मां (पीडिता) घर पर वापस नहीं आयी। सुबह करीब 7:00 बजे उसके गांव की दादी ने घर आकर बताया कि उनकी मां उसके घर के पीछे ढाल में सोई है। वह व उसका छोटा भाई दादी के घर गये, पीछे भाग में चुल्ले के पास मां जमीन पर लेटी हुई थी और खून से कपडे साडी पेटीकोट लतपथ थे। फिर वे दोनो भाई ने मां को उठाकर घर लाये उसने उसकी पत्नी से कहा कि वह मां से पूछे कि क्या हुआ खून इतना क्यों निकल रहा है। तो मां ने बताया कि गांव के हरिराम ने ज्योति बाई के खेत से हरिराम के पास रात मे लेकर आये उसके साथ गलत काम किया उसके पेशाब के रास्ते में बहुत खुन निकल रहा है और दर्द हो रहा है, उस समय उसकी दादी व बहन वहां पर थी, बहन, दादी व पत्नि ने मां की साडी खोलकर देखकर उसे बताया कि मां (पीडिता) के पेशाब वाले रास्ते में घाव होकर खून निकल रहा है। अतंडी निकली हुई थी। मां से अस्पताल चलने को बोला तो मां बोली कि उसे अस्पताल मत ले जाओ उसका बचना मुश्किल है, करीब 1:00 बजे मां की मृत्यु हो गयी। फिर उसने 100 नंबर फोन लगाकर पुलिस को सूचना दी उसकी मां (पीडिता) की मृत्यु गांव के हरि कोरकु द्वारा गुप्तांग में चोट पहुचाने से आयी चोटों के कारण हुई है। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना खालवा के अपराध क्र. 203/2025 धारा 66,70(1), 103(1) बीएनएस का अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया। घटना स्थल का तत्काल निरीक्षण पुलिस अधीक्षक खंडवा श्री मनोज कुमार राय के द्वारा किया गया था एवं प्रकरण मे साक्ष्य एकत्रीकरण एवं प्रकरण के त्वरित निराकरण हेतु निर्देशित किया गया था।
पुलिस अधीक्षक खंडवा श्री मनोज कुमार राय के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री राजेश रघुवंशी व एसडीओपी हरसूद श्री लोकेन्द्र सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन मे विवेचना अधिकारी थाना प्रभारी खालवा श्री जगदीश सिंधिया द्वारा साक्ष्यों को वैज्ञानिक ढंग से एकत्र किया गया एवं डीएनए परीक्षण कराया गया जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई, सम्पूर्ण विवेचना उपरांत प्रकरण मे अभियोग पत्र न्यायालय हरसूद मे पेश किया गया। पुलिस अधीक्षक खंडवा द्वारा उपरोक्त जघन्य अपराध को चिन्हित अपराध मे रख कर सतत मॉनिटरिंग कराई गई। अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्री अनिल चौहान द्वारा की गई।
माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी के कृत्य पर विचार कर उसके द्वारा किये गये कृत्य बलात्संग कारित किया एवं उसके उपरांत पीडिता निजी अंगों में हाथ डालकर उसकी आंते बाहर निकाल दी जिसके परिणाम स्वरूप पीडिता की मृत्यु हो गयी। आरोपी हरिराम का कृत्य देखते हुए यदि उसे कम दण्ड से दंडित किया जाता है तो समाज पर विपरित प्रभाव पडेगा व गंभीर अपराधों में दण्ड पर नरम रूप अपनाया जायेगा तो अपराधियों के साहस बढ़ेगे और समाज में उचित संदेश नहीं जायेगा। उक्त तथ्यों के आधार पर माननीय न्यायालय श्री पुष्पक पाठक अतिरिक्त न्यायाधीश महोदय न्यायालय हरसूद जिला खंडवा द्वारा आरोपी हरिराम उर्फ हरि को धारा 64 बी.एन.एस. मे आजीवन कारावास एवं 10000- रूपये अर्थदण्ड, धारा 66 बी.एन.एस. मे आजीवन कारावास (शेष प्राकृत जीवनकाल के लिये) व 10000/- रूपये अर्थदण्ड, धारा 103(1) बीएनएस में आजीवन कारावास व 10000/- रूपये अर्थदण्ड से दंडित किया गया।









