
मृत्यु के बाद भी जीवन की सेवा का संकल्प।
लक्ष्मण राव व प्रमिला पाटिल दम्पत्ति ने की देहदान की घोषणा, 163वाँ देहदान पंजीकरण सम्पन्न।
खण्डवा।मानव जीवन की सार्थकता केवल जीने में नहीं, बल्कि मृत्यु के बाद भी समाज के काम आने में है—इस विचार को चरितार्थ करते हुए नीलकंठेश्वर वार्ड, तपस्वी बाबा गली, खण्डवा निवासी लक्ष्मणराव व प्रतिभा पाटिल दम्पत्ति ने मरणोपरांत देहदान की घोषणा कर समाज के समक्ष एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।
सक्षम संस्था, लायन्स क्लब खण्डवा एवं लियो क्लब खण्डवा की नेत्रदान–देहदान एवं अंगदान जनजागृति समिति द्वारा निरंतर चलाए जा रहे जनजागरण अभियानों का सकारात्मक परिणाम अब समाज में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में पाटिल दम्पत्ति ने देहदान घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर कर समिति को सौंपा। यह समिति द्वारा भरा गया 163वाँ देहदान घोषणा पत्र है।
सक्षम खण्डवा के अध्यक्ष एवं समिति संयोजक नारायण बाहेती ने जानकारी देते हुए बताया कि यह घोषणा समाज में बढ़ती मानवीय चेतना का प्रमाण है। इस अवसर पर नेत्रदान–देहदान समिति के नारायण बाहेती, डॉ. सोमिल जैन, प्रहलाद तिरोले, अनिल बाहेती, सुनील जैन, सुरेन्द्रसिंह सोलंकी, डॉ. राधेश्याम पटेल, घनश्याम वाधवा, द्वारकाप्रसाद शर्मा,लायन्स क्लब खण्डवा की अध्यक्ष आशा उपाध्याय, राजीव शर्मा, गांधीप्रसाद गदलें, राजीव मालवीय, रणवीर सिंह चावला, चंचल गुप्ता सहित लायन्स क्लब खण्डवा, लियो क्लब खण्डवा, सक्षम संस्था एवं महर्षि दधीचि समिति के पदाधिकारियों का सहयोग रहा।
देहदान की घोषणा करते हुए पाटिल दम्पत्ति ने भावुक शब्दों में कहा कि “मृत्यु के बाद शरीर को जलाकर नष्ट करने से बेहतर है कि वह किसी के जीवन के काम आए। हमारे नेत्र किसी को दृष्टि दे सकते हैं और हमारी देह मेडिकल विद्यार्थियों को शिक्षा देकर समाज के लिए अच्छे चिकित्सक तैयार कर सकती है।” समाजसेवी समिति सदस्य सदस्य सुनील जैन ने बताया समिति संयोजक नारायण बाहेती के मार्गदर्शन में समिति के सहयोग से 19 देह मेडिकल कॉलेज खण्डवा को सुपुर्द की जा चुकी हैं तथा 520 दिवंगत व्यक्तियों के नेत्रदान सफलतापूर्वक कराए गए हैं। देहदान के प्रति लोगों में जागरूकता बड़े इसको लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा देहदान एवं अंगदान को प्रोत्साहित करने हेतु यह घोषणा की गई है कि मरणोपरांत देहदान करने वाले व्यक्ति को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा तथा उनके परिजनों को 15 अगस्त एवं 26 जनवरी के जिला स्तरीय समारोहों में सम्मानित किया जाएगा।










