
हत्यारे को भी धर्म मिले तो मोक्ष मुमकिन


बडौद. पर्वाधिराज पर्युषण के दूसरे दिन परम पूज्य साध्वी ब्राह्मी श्रीजी, सुंदरी श्रीजी महाराज साहब ने प्रवचन के माध्यम से बताया कि श्रावक को जिन मंदिर ओर उपाश्रय के नजदीक रहना चाहिए, आपको धर्म आराधना, पूजन दर्शन सहित संस्कार सहित धर्म अनुराग रहेगा, साधर्मिक भक्ति का लाभ मिलता है, साधर्मिक की की गयी सेवा पर भव में काम आयेगी. पुण्य से लक्ष्मी मिलती है, उसका सदउपयोग होना चाहिए. चार हत्या करने वाला एवं सात हत्या करने वाला व्यक्ति भी धर्म आराधना कर मोक्ष में जा सकता है, पूज्य श्री ने बताया कि श्रावक को प्रति वर्ष अष्टानीका महोत्सव आयोजित करना चाहिए, परमात्मा की भव्य रथ यात्रा निकालना चाहिए, छ:रि का पालन कर उत्तम द्रव्य से परमात्मा की पूजन, ब्रह्मचर्य का पालन, कंदमूल का संपूर्ण त्याग कर तीर्थ यात्रा करना चाहिए, साथही तीर्थ उद्धार में सहयोग करना चाहिए. पूज्य श्री ने बताया कि देव दृव्य की राशि तुरंत चुकाना चाहिए, किसी कारण देरी होती है तो ब्याज सहित चुकाना चाहिए, परमात्मा के मंदिर के साथ ही शास्त्रों के प्रकाशन का लाभ लेना चाहिए.
ट्रस्टी ललित जै. राजावत द्वारा बताया कि नवरत्न परिवार द्वारा प्रतिदिन प्रभात फेरी निकाली जाकर बच्चों को प्रभावना वितरित की जा रही है. 85 से अधिक तपस्वी निरंतर तपस्या में रत है.










