कलेक्टर ने बकावा में मिर्च प्रसंस्करण की कुटीर उद्योग ईकाई का किया निरीक्षण
📝खरगोन से ब्यूरो चीफ अनिल बिलवे की रिपोर्ट…
कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल द्वारा 09 जुलाई को ग्राम बकावा में महिलाओ द्वारा संचालित मिर्च प्रसंस्करण की कुटीर उद्योग ईकाई का निरीक्षण किया गया। यह ईकाई नाबार्ड के आजीविका एवं उद्यम विकास कार्यक्रम (एलईडीपी) के अंतर्गत स्थापित की गयी हैं। कलेक्टर सुश्री मित्तल ने समूह अध्यक्ष योगिता केवट और अन्य महिलाओ से चर्चा कर प्रशिक्षण, मशीन चलाने, पेकिंग, ब्रांडिंग, मार्केटिंग से जुड़े विषयों पर उनके अनुभव जाने। महिलाओ द्वारा बनाए गए निमाड़ी तीखा ब्रांड के पेकेट्स देखें। कलेक्टर सुश्री मित्तल ने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए समझाया कि इस शुरुआती कार्य को बेहतर गति देने के लिए अधिक मार्केटिंग, क्वालिटी एवं पर्याप्त स्टॉक रखने की आवश्यकता हैं। कलेक्टर सुश्री मित्त्ल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ईकाई को निरंतरता से चलाने के लिए मार्केटिंग पर विशेष प्रयास करे। इस अवसर पर एनआरएलएम से गोविंद मंडलोई, डीपीएम एवं टीम, श्री नीरज अमजरे आदि उपस्थित रहे।
एजीएम नाबार्ड श्री विजेंद्र पाटिल ने बताया कि नाबार्ड के आजीविका एवं उद्यम विकास कार्यक्रम (एलईडीपी) के अंतर्गत एडेप्ट एडुसिस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कार्यान्वित बकावन मिर्च प्रसंस्करण इकाई, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाओं को सशक्त बनाने वाली एक महत्वपूर्ण पहल है। जिसमे एक जिला एक उत्पाद पर कार्य किया जा रहा हैं। इस परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की उद्यमशीलता क्षमताओं और स्थायी आय के अवसरों को बढ़ाना है। नाबार्ड ने मसाला प्रसंस्करण इकाई की स्थापना, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के प्रशिक्षण और हैदराबाद स्थित एनआईएमएसएमई में मसाला उत्पादों के विपणन एवं ब्रांडिंग पर विशेष प्रशिक्षण के लिए 9.57 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत किया था।
बकावन ग्राम बड़वाह प्रखंड में स्थित यह इकाई मुख्य रूप से लाल मिर्च के मूल्य संवर्धन पर केंद्रित है, जो क्षेत्र की कृषि क्षमताओं का लाभ उठाती है। इस परियोजना ने नवंबर 2023 से फरवरी 2024 के बीच आयोजित व्यापक कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से तीन बैचों में 90 स्वयं सहायता समूह सदस्यों को सफलतापूर्वक संगठित और प्रशिक्षित किया है। यह इकाई आवश्यक मशीनों से सुसज्जित है, जिसमें एक पल्वराइज़र, बैंड सीलर और वेइंग स्केल शामिल हैं, जो मिर्च पाउडर के संपूर्ण प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और पैकेजिंग की सुविधा प्रदान करते हैं।
प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के बाद, इकाई को एनआरएलएम के सीएलएफ (संत सियाराम सीएलएफ) को फरवरी 2025 में सौंप दिया गया है और इकाई का संचालन नवगठित गतिविधि स्तरीय संघ (एएलएफ) नर्मदेश्वर महिला मंडल द्वारा किया जाएगा, जिसमें प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली सभी 90 स्वयं सहायता समूह महिला लाभार्थी सदस्य के रूप में पंजीकृत हैं। यह विलय एएलएफ को आवश्यकतानुसार कच्चे माल की खरीद और अन्य निवेशों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु किया गया है।
हाल ही में मार्केटिंग और ब्रांडिंग सहायता के लिए एडेप्ट एडुसिस द्वारा प्रशिक्षण आयोजित किया गया था, जो निम्समे (राष्ट्रीय एमएसएमई संस्थान), हैदराबाद में आयोजित किया गया था। यह प्रशिक्षण 23 जून से 26 जून 2025 तक आयोजित किया गया, जिसका प्रदर्शन दौरा 27 जून को एलेप औद्योगिक क्षेत्र में हुआ। इकाई में प्रसंस्कृत उत्पादों को www.ajeevikamart.com स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के उत्पादों के लिए एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी सूचीबद्ध किया गया है, जिससे डिजिटल बाज़ार के रास्ते खुल गए हैं।
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