
जिला अधिवक्ता संघ जगदलपुर में रफी के 100 वें जन्मशताब्दी के अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

सबसे पहले रफ़ी के तस्वीर में माल्यार्पण कर अधिवक्ता नवीन ठाकुर ने बताया कि मोहम्मद रफ़ी जिन्हें दुनिया रफ़ी या रफ़ी साहब के नाम से बुलाती है, हिन्दी सिनेमा के श्रेष्ठतम पार्श्व गायकों में से एक थे।

इन्हें शहंशाह-ए-तरन्नुम भी कहा जाता था। मोहम्मद रफी का जन्म 24 दिसम्बर 1924 को कोटला सुल्तान सिंह, अमृतसर में हुआ था। इन्हें घर में सब प्यार से फिक्को बुलाया करते थे। उन्होंने अपने करियर में करीब 28,000 गाने गाए।

शशांक ठाकुर ने सौ बार जन्म लेगे, बड़ी दुर आये है प्यार का तोहफा लाये हैं विरेन्द्र बहोते ने तेरी प्यारी-प्यारी सुरत को किसी की नजर न लगे, आनंद मोहन मिश्रा ने तेरी आंखों के शिवा दुनिया में रखा क्या है, सपन देवांगन ने क्या हुआ तेरा वादा का गाने को सिटी में गाया।

इस दौरान विशाल दुबे, दीनबंधु रथ, सागर देवरे, अर्पित मिश्रा, आनंद मोहन मिश्रा, संतोष जोशी, निर्मल सोनी, झरना बांगर सिंह, सरिता सतपथी,कृष्णा नंद झा, विद्याधर पांडे, संजय जयसवाल, अजीम मोहम्मद सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण मौजूद थे।










