
हरदोई। क्षेत्र के मेहंदीपुर गावं के पास रविवार को गर्रा नदी में मिले युवती के शव के मामले में पुलिस ने चौकीदार की तहरीर पर सौतेले पिता और ताऊ के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मुकदमा दर्ज किया है।
रविवार को मेहंदीपुर गावं के पास गर्रा नदी में एक युवती का शव बरामद हुआ था। जिसकी शिनाख्त कराने के प्रयास किया था लेकिन उस समय पहचान नही हो पाने के कारण पुलिस ने शव को मोर्चरी भेज दिया था। जिसके बाद युवती की रामनगर निवासी सुधा के रूप में शिनाख्त हो गई थी। रामनगर मोहल्ला के ही चौकीदार परवेश ने पुलिस को तहरीर देकर बताया है कि मोहल्ले के ही बादशाह कुशवाहा की दो पत्नियों की मौत बीमारी से हो गई थी। जिसके बाद बादशाह ने करीब 12 वर्ष पहले फतेगढ़ के उलियापुर गावं निवासी मीरा से शादी कर ली थी। जबकि मीरा की पहली शादी शाहजहांपुर के मिर्जापुर थाने के पृथ्वीपुर निवासी रामनिवास के साथ हुई थी। जिसकी बीमारी से मौत हो गई थी। मीरा के दो बेटी मधु व सुधा पहले पति से थी। जिन्हें लेकर मीरा रामनगर में बादशाह के साथ रहने लगी थी। सौतेली बेटी होने के कारण बादशाह दोनों बेटियों को प्रताड़ित करता था। बताया सुधा हरपालपुर व मोहल्ले के ही एक-एक लड़के से फोन पर बातें करती थी। सुधा के पास तीन-चार मोबाइल भी मिले थे। इसकी जानकारी बादशाह को हो गई थी। इस बात से नाराज होकर बादशाह ने अपने बड़े भाई बलराम के साथ मिलकर 25 अप्रैल की शाम को सुधा की पिटाई कर दी थी। इससे क्षुब्ध होकर सुधा ने गर्रा नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली थी। प्रभारी निरीक्षक एके राय ने बताया कि जांच में पता चला है कि बादशाह ने भाई बलराम के साथ मिलकर सुधा को पीटा था। उसी के चलते उसने नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी डूबकर मरने की पुष्टि हुई है। दोनों के विरुद्ध आत्महत्या के लिए बाध्य करने का मुकदमा दर्ज किया गया है।







