
राष्ट्रीय राजमार्ग-45 (NH-45) के उन्नयन कार्य पर पहली ही बारिश ने सवाल खड़े कर दिए हैं। लगभग 510 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन इस सड़क के कई हिस्सों में बारिश के कारण सड़क बह गई है, जबकि निर्माणाधीन पुलों के एप्रोच मार्ग पर हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। सड़क के दोनों किनारों पर गहरी खाई और बड़े-बड़े गड्ढे बन जाने से वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि निर्माणाधीन पुलों के पास सड़क का कटाव लगातार बढ़ रहा है। कई स्थानों पर सड़क इतनी संकरी हो गई है कि एक छोटी-सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। विशेषकर रात के समय और भारी बारिश के दौरान दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि सड़क निर्माण कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। वहीं पहली ही बारिश में सड़क का बह जाना और किनारों का धंसना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर रहा है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप हुआ होता तो शुरुआती बारिश में ही ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
आरोप यह भी हैं कि कई संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक और सुरक्षा व्यवस्था का अभाव है। ऐसे में रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों छोटे-बड़े वाहन दुर्घटना के खतरे के बीच आवागमन करने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित निर्माण एजेंसी से क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो बरसात के मौसम में कोई बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।





