
*जरूरतमंद बच्चों के संरक्षण व पुनर्वास के लिए खंडवा जिले में हो रहे प्रभावी प्रयास*
*607 बच्चे स्पॉन्सरशिप योजना से जुड़े*
खंडवा
महिला एवं बाल विकास विभाग एवं न्यायपीठ बाल कल्याण समिति खंडवा के समन्वय से जिले में जरूरतमंद, निराश्रित, परित्यक्त एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए संस्थागत एवं गैर संस्थागत देखरेख के प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। समिति के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा के नेतृत्व में बच्चों के संरक्षण, पुनर्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक पुनर्स्थापन के लिए कई नवाचार लागू किए गए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
जिले में जरूरतमंद बच्चों को सुरक्षित आवास, पौष्टिक भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं एवं मनोवैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए नियमित रूप से खेल, सांस्कृतिक एवं व्यक्तित्व विकास गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं।
बाल कल्याण समिति द्वारा सुनवाई एवं सामाजिक जांच के आधार पर ऐसे बच्चों को परिवार आधारित पुनर्वास से जोड़ा जा रहा है, जिनके माता-पिता अथवा परिजन उपलब्ध हैं। आवश्यकता अनुसार बच्चों को फॉस्टर केयर, स्पॉन्सरशिप एवं आफ्टर केयर जैसी योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। समिति द्वारा प्रत्येक बच्चे की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं पोषण की नियमित निगरानी की जा रही है।
समिति द्वारा बाल संरक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने हेतु पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए समय-समय पर अभियान एवं परामर्श कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।
*607 बच्चे स्पॉन्सरशिप योजना से जुड़े*
मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना से जोड़ा जा रहा है। जिले में अब तक 607 बच्चों को इस योजना का लाभ प्रदान किया गया है। योजना के अंतर्गत बच्चों की शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
इसके अतिरिक्त आफ्टर केयर योजना के माध्यम से 18 वर्ष पूर्ण कर चुके हितग्राहियों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु सहयोग प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना सहित अन्य योजनाओं के माध्यम से भी पात्र बच्चों को नियमित आर्थिक सहायता दी जा रही है।
*मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग पर विशेष फोकस*
बाल कल्याण समिति खंडवा द्वारा बच्चों के मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए नियमित मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग कराई जा रही है। कठिन परिस्थितियों से गुजर चुके बच्चों को भावनात्मक सहयोग, आत्मविश्वास निर्माण एवं सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेषज्ञों की सहायता ली जा रही है। इससे बच्चों के व्यवहार एवं शिक्षा में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।
*नवाचारों से मिला सकारात्मक परिणाम*
अध्यक्ष प्रवीण शर्मा के नेतृत्व में गठित खंडपीठ में सदस्य मोहन मालवीय, रुचि पाटिल, स्वप्निल जैन एवं कविता के सतत प्रयासों से बाल संरक्षण के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। समिति द्वारा त्वरित सुनवाई, परिवार पुनर्मिलन, भावनात्मक सहयोग, पुनर्वास योजना एवं सामुदायिक सहभागिता जैसे प्रयासों को प्राथमिकता दी जा रही है।
इन प्रयासों के माध्यम से अनेक बच्चों को सुरक्षित वातावरण, शिक्षा एवं बेहतर भविष्य का अवसर प्राप्त हुआ है। जिले में बाल संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे ये प्रयास अब एक संवेदनशील एवं प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रहे हैं।








