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घटयात्रा के साथ जैन समाज के धार्मिक अनुष्ठान पंचकल्याणक महामहोत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ

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घटयात्रा के साथ जैन समाज के धार्मिक अनुष्ठान पंचकल्याणक महामहोत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ

अपने जीवन को उत्सव बनाने के लिए प्रभु ,गुरु के प्रति सदा समर्पित रहे निश्चित तौर पर उन्नति समृद्धि खुशहाली की प्राप्ति होगी” मुनि आदित्य सागर जी”

खंडवा। अध्यात्म और धर्म के प्रति सदैव हमारी रुचि बनी रहे इस हेतु मंदिर बनते हैं एवं प्रतिमाएं यदि स्थापित होती है तो यह हमारे एवं हमारी युवा पीढ़ी के लिए भी धर्म और संस्कारो से जुड़ने का माध्यम रहेगा। आज हमें और युवा पीढ़ी को आधुनिकता की ओर नहीं अध्यात्म की ओर बढ़ने की आवश्यकता हें। यह उधर मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज ने खंडवा में आयोजित पंचकल्याणक महोत्सव के प्रथम दिन हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रवचन देते हुए मुनि श्री आदित्य सागर जी ने व्यक्त किये। समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि हर्ष का विषय की दादाजी एवं संस्कार नगरी खंडवा में बजरंग चौक स्थित महावीर दिगंबर जैन मंदिर में संगमरमर और अष्टधातु की प्रतिमा विराजमान करने के लिए देश के महान जैन संत आदित्य सागर जी महाराज के ससंध सानिध्य में जैन धर्म का सबसे बड़ा धार्मिक अनुष्ठान पंचकल्याणक महोत्सव शनिवार से 16 अप्रैल तक अयोध्या नगरी तापडिया बिजनेस पार्क में प्रारंभ हो चुका है। महोत्सव के प्रथम दिन प्रातः काल जैन मंदिर से घट यात्रा जिसमें हाथी, घोड़े ,बग्गी, बैंड बाजे के साथ ड्रेस कोड में पुरुष वर्ग एवं बड़ी संख्या में मातृ शक्ति और युवा उत्साह के साथ शामिल हुए। यह घट यात्रा घासपुरा स्थित महावीर दिगम्बर जैन मंदिर से बजरंग चौक, देवनारायण चौक, टाउन हॉल ,नगर निगम, घंटाघर, बॉम्बे बाजार से अयोध्या नगरी तापड़िया बिजनेस पार्क पहुंची,घट यात्रा में अष्ट कुमारी से लेकर मातृशक्ति अपने सिर पर कलश लिए हुए चल रही थी वही हाथी पर सौधर्म इंद्र बने वंदना संजय कासलीवाल कुबेर इंद्र सपना जितेंद्र लोहाडिया विराजमान थे। मुनि संघ भी घट यात्रा में शामिल हुआ।
जैन समाज मे होने वाले पंचकल्याणक महामहोत्सव में घटयात्रा का बहुत विशेष महत्व है, जो महोत्सव का प्रथम और अत्यंत मंगलकारी चरण है। यह यात्रा तीर्थंकर के गर्भ कल्याणक (माता के गर्भ में आने) के अवसर पर देवों द्वारा की जाने वाली मंगल-वर्षा और रत्नवृष्टि का प्रतीक है। इसमें कलश लिए महिलाओं की भागीदारी धार्मिक वातावरण बनाती है।
अयोध्या नगरी में सर्वप्रथम मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज एवं प्रतिष्ठाचार्य पीयूष भैया द्वारा किए गए मंत्रोचार के बीच कैलाश पहाड़िया परिवार द्वारा पंचकल्याणक की प्रथम क्रिया ध्वजारोहण किया गया। साथी ही पंचकल्याणक महोत्सव के लिए बनाए गए पंडाल मंडप का विधिवत उद्घाटन विनोद अंकित बड़जात्या परिवार द्वारा फिते पर स्वास्तिक बनाकर मंत्रोउच्चार के साथ खोलकर किया गया एवं मातृशक्ति एवं बालिकाओं द्वारा लाए गये कलशो के द्वारा पूरे मंडप पंडाल की शुद्धी की गई। महोत्सव के प्रथम दिन प्रवचन प्रवचन देते हुए मुनि आदित्य सागर जी महाराज ने कहा कि हम सभी के लिए पंचकल्याणक एक महोत्सव है हम सभी पूरे कार्यक्रमों में शामिल होकर पुण्य प्राप्त करें बड़े सौभाग्य से यह पल हमें प्राप्त होता है जहां धार्मिक क्रियो के माध्यम से पाषाण को परमात्मा का रूप दिया जाता है। प्रभु गुरु एवं धर्म कार्य के प्रति समर्पण समर्पित भावना ही उत्सव और महोत्सव है। आज हम जिस घट यात्रा में शामिल है वह हमारे पापों को घटाने वाली यात्रा है आज से बड़े अनुष्ठान का शुभारंभ हुआ है ध्वजारोहण एवं मंडप शुभारंभ एवं मंडप शुद्धी के हम साक्षी बने हैं, हम सब पांच दिनों तक कौवा बन और काय-काय करके सबको एकत्रित करते हुए इस धार्मिक अनुष्ठान में एकत्रित करते रहे यह भी पुण्य कार्य है। अपने जीवन को उत्सव बनाने के लिए प्रभु गुरु के प्रति सदा समर्पित रहे निश्चित तौर पर उन्नति समृद्धि खुशहाली की प्राप्ति होगी। समिति के प्रचार मंत्री सुनील जैन प्रेमांशु चौधरी पंकज सेठी ने बताया कि प्रथम दिन इस धार्मिक अनुष्ठान में सामाजिक बंधुओ ने भाग लेकर पुण्य की प्राप्ति की इस अवसर पर मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज की आज्ञा के अनुसार खंडवा में संत भवन के लिए के लिए कई परिवारों ने अपनी सहमति दर्ज कराई। शनिवार सांयकाल भी गुरु भक्ति के साथ महाआरती का आयोजन हुआ एवं इंद्र दरबार लगा। प्रथम दिन की क्रियाएं संपन्न हुई, साथ ही प्रथम दिन बहू महिला मंडल एवं पाठशाला के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। गत यात्रा एवं कार्यक्रम में अध्यक्ष दिलीप पहाड़िया वीरेंद्र जैन विजय सेठी पंकज छाबड़ा सुनील जैन प्रेमांशु जैन सहित बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु उपस्थित थे। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रदीप छाबड़ा ने किया। आभार सचिव सुनील जैन ने माना।

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