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अपर कलेक्टर श्रीमती गौड़ा ने “क्षीर धारा ग्राम” योजना की समीक्षा की

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अपर कलेक्टर श्रीमती गौड़ा ने “क्षीर धारा ग्राम” योजना की समीक्षा की

खण्डवा//पशु पालन एवं डेयरी विभाग द्वारा “क्षीर धारा ग्राम” योजना प्रदेश में लागू की गई है। इस योजना के तहत 3 वर्षों में जिले के सभी गांवों को “क्षीर धारा ग्राम” घोषित किया जाना है। यह योजना 3 चरणों में पूर्ण होगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गांव में दुग्ध उत्पादन एवं पशुपालको की आय को बढ़ाना है। गत दिवस अपर कलेक्टर श्रीमती सृष्टि देशमुख गौड़ा ने कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में पशुपालन विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर “क्षीर धारा ग्राम” योजना के संबंध में दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना के प्रावधानों के तहत समय सीमा में सर्वे कार्य किया जाए। उन्होंने पशुओं के टीकाकरण के लिए शिविर लगाने के निर्देश भी दिये।
अपर कलेक्टर श्रीमती सृष्टि देशमुख गौड़ा ने बैठक में वन ग्रामों में वन विभाग की योजनाओं से पशुपालको को जोड़ने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कृषि विभाग की योजनाओं से पशुपालन हेतु हरा चारा उत्पादन के लिए कृषकों को उत्साहित करने के निर्देश दिये। अपर कलेक्टर श्रीमती गौडा ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंचायत विभाग से समन्वय कर ग्रामों में इस योजना का प्रचार-प्रसार किया जाए और ग्रामीणों को योजना के लाभ के बारे में बताया जाए। उन्होंने 4-5 ग्रामों को मिलाकर क्लस्टर मीटिंग करने के निर्देश दिये, जिसमें पशुपालन, कृषि, वन एवं पंचायत विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहें।
बैठक में उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ. हेमन्त शाह ने गांवों में किये जा रहे सर्वे कार्य, टीकाकरण, टैगिंग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में पशु पालन विभाग द्वारा क्षीर धारा ग्राम के लिए कुल 124 गांवों का चयन किया गया है। चयन का आधार गांवों में कृत्रिम गर्भाधान द्वारा नस्ल सुधार, हरा चारा प्रबंधन से दुग्ध उत्पादन में वृद्धि, तथा टीकाकरण के माध्यम से पशु स्वास्थ्य को लाभान्वित करना है। उन्होंने कहा कि गांव में उपलब्ध गौमूत्र और गोबर से जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा तथा पशुपालको की आय में वृद्धि होगी। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए कृषि विभाग, वन विभाग तथा पंचायत विभाग का सहयोग भी लिया जाएगा।

 

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