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जुनागढ़ एनएसी क्षेत्र में अवैध होर्डिंग से राजस्व को भारी नुकसान, प्रशासन बना मौन दर्शक

जूनागढ़(स्वराज अग्रवाल) : कालाहांडी जिले के जुनागढ़ एनएसी क्षेत्र में अवैध रूप से लगाए गए होर्डिंगों को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। इन अवैध होर्डिंगों के कारण एनएसी को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, जबकि प्रशासन के मौन दर्शक बने रहने का आरोप लगाया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जुनागढ़ शहर के विभिन्न स्थानों पर विज्ञापन एवं प्रचार-प्रसार हेतु होर्डिंग लगाने के लिए एनएसी की अनुमति लेना तथा निर्धारित मासिक या वार्षिक शुल्क का भुगतान करना अनिवार्य है। नियमों के अनुसार, जुनागढ़ एनएसी के स्वयं के १० होर्डिंग हैं, वहीं विभिन्न निजी विज्ञापन कंपनियों द्वारा भी होर्डिंग स्थापित किए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, कोलकाता आधारित ‘कारुकृति’ विज्ञापन कंपनी का १ होर्डिंग, ‘ट्रिपल-ए’ विज्ञापन कंपनी का १, ‘जेवीआर’ विज्ञापन कंपनी के २ तथा भवानीपटना स्थित ‘सन ग्राफिक्स’ विज्ञापन कंपनी के ३ होर्डिंग शहर में लगे हुए हैं। इनमें से ‘सन ग्राफिक्स’ कंपनी पर लंबे समय से नियमों के उल्लंघन का गंभीर आरोप है। एनएसी कार्यालय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उक्त कंपनी वर्ष २०१९ से अब तक होर्डिंग शुल्क का भुगतान नहीं कर रही है। एनएसी की ओर से कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद कंपनी द्वारा उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। फोन पर संपर्क करने पर कर्मचारियों को धमकाने तथा डराने-धमकाने के आरोप भी सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार, सन ग्राफिक्स के एक होर्डिंग ब्लॉक कार्यालय के पास, एक स्टेट बैंक के समीप तथा एक नया बाजार क्षेत्र में स्थित है। इसके अलावा, जुनागढ़ बस स्टैंड के पास कोलकाता स्थित ‘कारुकृति’ कंपनी के एक होर्डिंग को धमकी देकर कब्जे में लेकर कुल चार होर्डिंगों पर दबंगई करने का भी आरोप लगाया गया है। नियमों के तहत, एनएसी के स्वामित्व वाले होर्डिंगों पर प्रति वर्ग फुट ८ रुपये तथा निजी विक्रेताओं के लिए प्रति वर्ग फुट ४ रुपये शुल्क निर्धारित है। प्रत्येक होर्डिंग का आकार लगभग २०० वर्ग फुट बताया जा रहा है। वर्ष २०१९ से अब तक कितने लाख रुपये के राजस्व की हानि हुई है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। जहां अन्य होर्डिंग विक्रेता नियमित रूप से शुल्क का भुगतान कर रहे हैं, वहीं सन ग्राफिक्स किस प्रभावशाली व्यक्ति या राजनीतिक संरक्षण के बल पर इस प्रकार की दबंगई कर रही है, इसे लेकर बुद्धिजीवी वर्ग में सवाल उठ रहे हैं। अब सभी की नजरें जुनागढ़ एनएसी प्रशासन पर टिकी हैं कि आगामी दिनों में बकाया राजस्व की वसूली की जाएगी या अवैध होर्डिंगों को हटाकर ध्वस्त किया जाएगा।

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