
छत से गिरा मासूम, समय पर जागी इंसानियत
उस दिन पतंग नहीं, इंसानियत सबसे ऊंची उड़ान पर थी
खंडवा।
पदम नगर थाना क्षेत्र में पतंग उड़ाने के दौरान एक 7 वर्षीय मासूम की जिंदगी उस वक्त खतरे में पड़ गई, जब छत पर खेलते समय उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर पड़ा। मासूम बेहोश हो गया। अचानक हुई घटना से मोहल्ले में हड़कंप मच गया और लोगों की धड़कनें थम सी गईं।
इसी बीच मौके पर मौजूद बाल कल्याण समिति खंडवा के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तत्काल पहल की। उन्होंने बिना देर किए बच्चे को संभाला, आसपास मौजूद लोगों की मदद से प्राथमिक उपचार कराया और परिजनों को सूचना दी। तत्पश्चात मासूम को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों की जांच के बाद राहत भरी खबर सामने आई—बच्चा सुरक्षित है, किसी गंभीर चोट की पुष्टि नहीं हुई। डॉक्टरों का कहना था कि यदि कुछ मिनट की भी देरी होती, तो परिणाम गंभीर हो सकते थे। समय पर हुई इस मानवीय पहल ने एक परिवार को गहरे दुख से बचा लिया।
यह घटना त्योहारों के दौरान बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी भी है। पतंग उड़ाने का उत्साह जहां खुशियां लाता है, वहीं थोड़ी-सी लापरवाही मासूम जिंदगियों को खतरे में डाल सकती है। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि सजगता और संवेदनशीलता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
बाल कल्याण समिति खंडवा ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को छतों पर अकेला न छोड़ें, सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करें और उत्सव को सुरक्षित माहौल में मनाएं—ताकि हर घर में खुशियों की पतंग सुरक्षित उड़ती रहे।










