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बाल कल्याण समिति खंडवा की संवेदनशील पहल।

घर से भागा बालक, दोबारा अपने परिवार की गोद में।

बाल कल्याण समिति खंडवा की संवेदनशील पहल।

घर से भागा बालक, दोबारा अपने परिवार की गोद में।

खंडवा।। उत्तरप्रदेश के उन्नाव जिले से लापता 13 वर्षीय नाबालिग बालक, जो अपने परिजनों से नाराज होकर घर से भाग निकला था, अब सकुशल अपने परिवार के पास पहुंच चुका है। यह सराहनीय कार्य न्यायपीठ बाल कल्याण समिति खंडवा के मार्गदर्शन एवं जीआरपी थाना खंडवा की सतर्कता से संभव हो पाया। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि घर से भागे बच्चे को जीआरपी थाना द्वारा प्रस्तुत किए जाने के पश्चात बाल कल्याण समिति खंडवा के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा सदस्यगणों रुचि पाटिल, कविता पटेल, स्वप्निल जैन और मोहन मालवीय ने उसे संवेदनशील रूप से काउंसलिंग दी। डरा-सहमा बच्चा कुछ ही समय में सहज हो गया और अपने मन की बात साझा करने लगा। बालक ने बताया कि वह सरकारी स्कूल में अपने दोस्तों के साथ पढ़ना चाहता था, लेकिन परिजन उसे जबरन प्राइवेट स्कूल में डालना चाहते थे। इसी मनमुटाव के कारण वह घर से निकल पड़ा। दो दिन अनुसूचित जनजाति छात्रावास में रहा यह बालक, जहां बाल संरक्षण अधिकारी टीका सिंह बिल्लौरे, पुष्पेंद्र सिंह मंडलोई, और धर्मेंद्र सिंह ने उसे हर प्रकार की सुरक्षा और देखरेख प्रदान की। समाज सेवी सुनील जैन ने बताया कि बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा के नेतृत्व में हुए इस पुनर्मिलन के दौरान जब परिजनों को बालक सौंपा गया, तो उनकी आंखों में आंसू थे। उन्होंने समिति का आभार जताते हुए वादा किया कि वे अब बच्चे की भावनाओं को समझते हुए उसके निर्णयों को सम्मान देंगे। यह घटना न केवल एक बालक के जीवन में नया उजाला लेकर आई, बल्कि समाज को यह सीख भी दी कि संवाद और समझदारी से कोई भी पारिवारिक विवाद सुलझाया जा सकता है।

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