
*एडिटर/संपादक:-तनीश गुप्ता,खण्डवा* गुरुपूर्णिमा मेले में बिछड़े 100 से अधिक बच्चों को उनके परिवार से मिलाया,
बच्चों की मुस्कान ही सबसे बड़ी सेवा है , प्रवीण शर्मा
खंडवा।। गुरु पूर्णिमा पूरे देश में मनाई जाती है लेकिन खंडवा की गुरु पूर्णिमा अद्भुत है जहां अवधूत संत दादाजी के चरणों में नमन करने दादाजी भक्त लाखों की संख्या में पहुंचते हैं। गुरुपूर्णिमा के पावन अवसर पर श्री दादाजी मंदिर धाम में लगने वाले विशाल मेले में इस बार एक अद्भुत मानवीय सेवा का उदाहरण देखने को मिला। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि पूर्णिमा के इस बड़े मेले में जहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और कोई अनहोनी नहीं हुई यही दादाजी का चमत्कार है। मेले में कलेक्टर ऋषव गुप्ता पुलिस अधीक्षक मनोज राय के मार्गदर्शन में चाक चौबंद व्यवस्था की गई। न्यायपीठ बाल कल्याण समिति अध्यक्ष प्रवीण शर्मा के नेतृत्व में 100 से अधिक गुमशुदा नाबालिग बच्चों को उनके परिजनों से मिलाकर सुपुर्द किया गया। यह कार्य प्रशासन, सामाजिक संगठनों और समिति के समर्पित सदस्यों के अद्भुत समन्वय से संभव हो पाया।
प्रवीण शर्मा ने बताया कि मेला स्थल पर भारी भीड़ के बीच कई छोटे बच्चे अपने परिवार से बिछड़ गए थे। बाल कल्याण समिति ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हर एक बच्चे की पहचान कर उसे सुरक्षित परिवार से मिलाया, जिससे माता-पिता की आंखों में राहत और खुशी के आंसू देखने को मिले।इस पुनीत कार्य में पुलिस प्रशासन, मानव अधिकार सेवा संघ के रज्जाक खान, और बाल कल्याण समिति के सदस्य मोहन मालवीय, रुचि पाटिल, कविता पटेल, स्वप्निल जैन, आरक्षक गगन अहिरवार,सचिन पटेल, विद्या सपकाले, मनीला तवर, सीता कुलकर्णी, सरस्वती राजोरिया,गीतांजलि ने सक्रिय भूमिका निभाई।इस अवसर पर जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता, पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय, सहज समागम संस्था के संचालक सुशील विधानी एवं दीपमाला विधानी भी मौजूद रहे और इस सेवा भावना की प्रशंसा की।यह पहल न केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि जब प्रशासन, समाजसेवी संस्थाएं और जागरूक नागरिक साथ आते हैं, तो असंभव भी संभव हो जाता है।










