
रिपोर्टर= भव्य जैन
शासकीय आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय झाबुआ में उच्च शिक्षा विभाग एवं मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार प्राचार्य डॉ दीपक रावल के मार्गदर्शन में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के तत्वावधान में गुरू पूर्णिमा मनाई गई। सर्वप्रथम प्राचार्य ने मुख्य अतिथि को शाल व श्रीफल से सम्मानित किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झाबुआ के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त साहित्यकार रामशंकर ‘ चंचल’ उपस्थित रहे। तत्पश्चात कु. टीना, कु करिश्मा, अखिलेश और भगवान सिंह ने प्राचार्य और सभी सहायक प्राध्यापकों व अतिथि विद्वानों को तिलक लगाकर फूलमाला व श्रीफल से सम्मानित किया। प्राचार्य ने कहा कि गुरु ही विद्यार्थियों के जीवन के अंधकार को दूर कर उसे प्रकाशमय बनाने का कार्य करता है जितने भी महान व्यक्ति हुए हैं या साहित्यकार हुए हैं उन्होंने अपने गुरुओं के आशीर्वाद से ही प्रसिद्धि एवं सफलता पाई है, साहित्यिक रुझान दिखाते हुए कबीर व तुलसी दास जी की पंक्तियों के माध्यम से आपने अपने विचार रखे। मुख्य अतिथि चंचल जी ने अपने वक्तव्य में बताया कि हम अपने गुरुओं का आशीर्वाद पाकर ही अपने श्रेष्ठ आदर्श की प्राप्ति निर्विघ्न रूप से कर सकते हैं गुरु के द्वारा ही हमें सही दिशा की प्राप्ति होती है गुरु के अभाव में हमारा जीवन अंधकारमय होता है।आपने जीवन की गहराई को कविता के माध्यम से समझाया तथा प्रेम के विराट स्वरूप पर प्रकाश डाला, साथ ही महाविद्यालय को अपनी पुस्तकें भेंट की। प्रशासनिक अधिकारी प्रो. संजय खांडेकर ने राम और कृष्ण को अपना गुरु मानकर उनसे मिली सीखों को सबके साथ साझा किया और साथ ही तनाव मुक्त रहने की प्रेरणा दी उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु के सान्निध्य में रहने से आपका भविष्य निर्माण होगा और छात्र जीवन को सबसे महत्वपूर्ण समय बताते हुए अच्छे भविष्य के निर्माण के लिए शुभकामनाएं दी। डॉ. राकेश बघेल ने गुरु शिष्य परंपरा पर अपने विचार रखते हुए कहा कि जिस प्रकार कुम्हार मिट्टी का घड़ा बनाते समय लकड़ी का पटिया लेकर उसे पर प्रहार करता है जिससे कि उसकी सही आकृति का निर्माण हो सके, उसी प्रकार गुरु विद्यार्थियों के जीवन को उत्तम एवं श्रेष्ठ बनाने के लिए उसके अवगुणों को दूर करने का प्रयत्न करता है । कार्यक्रम का संचालन प्रो. मुकेश बघेल ने किया और आभार प्रो. प्रगति मिमरोट ने माना। कार्यक्रम में महाविद्यालय स्टाफ से डॉ. पूजा बघेल , डॉ वंदना पारकर , डॉ कीर्ति सिंगोरिया,प्रो. करिश्मा आवासे, प्रो कोमल बरिया,प्रो. अनीता डावर,प्रो. सोनिया चौहान, डॉ निंगवाल, डॉ. धूलसिंह खरत, डॉ .राजेश पाल, प्रो . जितेंद्र कौरव, प्रो. जितेंद्र नायक, डॉ. जायसवाल, प्रो. रंगारी डोड़वा, डॉ, प्रेमलता मंडलोई,डॉ. प्रियंका डुडवे और डॉ. मधुबाला मारु और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।










