
कटनी से सौरभ श्रीवास्तव की रिपोर्ट

कटनी – विजयराघवगढ़- मुक़द्दस और पाक़ महीना रमजान शरीफ़ के महीना भर रोजा रखने के बाद शाम को जैसे ही ईद का चाँद नज़र आया सभी लोग ख़ुशियों से झूम उठे और एक दूसरे को मुबारकबाद दिया। सभी मुस्लिम बंधु ईद की तैयारी में जुट गए। वैसे तो ईद की तैयारियों में 15 दिन पहले से शुरू हो गई थी इसी वजह से बाजार खासे गुलज़ार रहे। ईद की ख़ुशी में बच्चे,बूढ़े,जवान नज़र आये विशेष रूप से बच्चे खाशा उत्साहित नज़र आ रहे थे।
पूरे नगर में और आसपास के लोग रंग-बिरंगे और नये कपड़े पहनकर ईदगाह की ओर चल पड़े। जहाँ पर जामा मस्जिद नदीपार के पेशईमाम जनाब हाफ़िज़ क़ारी कौनैन रज़ा खां साहब ने 8:30 बजे अदा कराई। ईदगाह में हजारों लोगों ने एक साथ लोगों की भलाई, नेक रास्ते पर चलने और मुल्क हिंदुस्तान की ख़ुशहाली और तरक्की के लिए दुआएँ माँगी। नमाज़ के बाद एक साथ सलातो सलाम पेश किया गया और सभी लोगों ने एक दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। ईदगाह के बाहर बड़ी संख्या में नगर के प्रबुद्धजनों, गणमान्य लोगों ने मुस्लिम भाईयों को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। ईदगाह कमेटी के सदर शहज़ाद हुसैन रिज़वी के साथ कमेटी के सभी लोगों की ईदगाह की व्यवस्थाओं,तैयारियों और मेहनत को काफ़ी सराहा गया। ईदगाह कमेटी के सदर शहज़ाद हुसैन रिज़वी ने हाजी शमीम साहब के हाथों पेश ईमाम को और एड नूर मो0 सिद्दीकी के हाथों सभी मुक़ब्बिर साहबान को नजराना पेश कराया। आयोजक को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था चुस्त दुरुस्त रही विजयराघवगढ़ पुलिस ने सुरक्षा का ध्यान रखा तो नगर परिषद ने साफ-सफाई का।
*उपस्थित जन*
इस अवसर पर पेश ईमाम हाफ़िज़ कौनैन रज़ा खां साहब, मुफ़्ती अतीक अहमद साहब, हाफ़िज़ मो फ़ारुक रज़वी साहब, हाफिज नूरुल हुदा साहब, हाफ़िज़ इदरीश रज़ा साहब,हाफिज रियाज़ अहमद साहब, पेश ईमाम फारूक अज़हरी साहब, शहज़ाद हुसैन रिज़वी, मो0 सिकंदर, शेख अब्दुल, हामिद अली, एड नूर मो0 सिद्दीकी, एड अब्दुल करीम सिद्दीकी, डॉ गुलशेर अहमद,डॉ मुबीन खान,डॉ अब्दुल कदीर, हाजी अब्दुल जलील,हाफ़िज़ शान मो0 हाजी नईम बाबू, हाजी गुल अहमद, हाजी मतलूब, हाजी डॉ नसीर, मो0 ज़ुबैर, ज़ाकिर हुसैन रिज़वी, अमानुल्ला खां, अल्ताब हुसैन छोटे, अजमल साकिर खां, मो0 असलम रज़ा, अरसद अशरफी,महमूद शाह, इंजी0 अजीजुर्रहमान, अब्दुल जलील रिज़वी, लईक अहमद, मो नसीम,मोहसिन खान टेंट, सिराजुल हक्क, फहीम खां, शकील मास्टर, नईम मास्टर, मो0 माजिद, मो तौसीफ सैफी, शेख जमील, नझारुल हक्क, अनवारुल हक्क, इजहार अली, सहित आसपास गाँवों के भी हजारों मुस्लिम भाई उपस्थित रहे।










