
एडिटर/संपादक:-तनीश गुप्ता,खण्डवा
*आनंदपुर खैगांव में भव्य प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव, संतों और श्रद्धालुओं का जुटान*

खंडवा ।। जिले के ग्राम आनंदपुर खैगांव में नवनिर्मित भगवान दत्तात्रेय मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियाँ जोरों पर हैं। 4 मार्च से शुरू होने वाले इस अनुष्ठान में तीन दिन तक विधिवत पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान होंगे। यह मंदिर क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र है, जिसका जीर्णोद्धार महामंडलेश्वर स्वामी विवेकानंद पुरी महाराज की प्रेरणा और ग्रामीणों के सहयोग से संभव हो सका है।
*108 वर्षों बाद मंदिर का भव्य जीर्णोद्धार*
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया की मान्यता है कि संत नारायण गिरी महाराज नर्मदा परिक्रमा के दौरान 1907 में अक्षय तृतीया के दिन इस पवित्र स्थल पर रुके थे। यहीं उन्होंने भगवान दत्तात्रेय की प्रतिमा स्थापित कर मंदिर निर्माण का शुभारंभ किया था। अब 108 वर्षों बाद, इस मंदिर का पुनर्निर्माण स्वामी विवेकानंद पुरी महाराज के सानिध्य में किया गया है। संत नारायण गिरी महाराज की समाधि का भी नवीनीकरण कराया गया है, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था और भी गहरी हो गई है।
*चमत्कारी मंदिर, जहां संत की भविष्यवाणी हुई सच*
सुनील जैन ने बताया कि इस मंदिर से कई चमत्कारी घटनाएँ जुड़ी हुई हैं। बताया जाता है कि ग्राम खारकला में एक समय नवजात शिशुओं को नल-भुज नामक बीमारी हो जाती थी, जिससे उनकी मृत्यु हो जाती थी। इस समस्या से परेशान होकर ग्रामीणों ने संत नारायण गिरी महाराज से प्रार्थना की। महाराज ने चातुर्मास के दौरान विशेष अनुष्ठान किया, जिसके बाद गाँव को इस महामारी से मुक्ति मिली।इतना ही नहीं, संत नारायण गिरी महाराज ने अपनी समाधि की तिथि पहले ही बता दी थी। उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि 1948 में मकर संक्रांति के दिन वे समाधि लेंगे, और ठीक उसी दिन, 14 जनवरी 1948, को उन्होंने समाधि ले ली। तब से यह स्थान दिव्यता और श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है।
*6 मार्च को मुख्य कार्यक्रम, संत-महात्माओं की होगी उपस्थिति*
इस भव्य आयोजन का मुख्य दिवस 6 मार्च को होगा, जिसमें कई संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि और हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे। ग्रामीणों में इस आयोजन को लेकर जबरदस्त उत्साह है और मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी है। यह प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देगा।







