खरगोनमध्यप्रदेश

सांसद श्री पटेल की अध्यक्षता में हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की दिशा बैठक

जिले के विकास के लिए जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी समन्वय के साथ कार्य करें सांसद श्री पटेल

सांसद श्री पटेल की अध्यक्षता में हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति दिशा की बैठक

 

जिले के विकास के लिए जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी समन्वय के साथ कार्य करें-सांसद श्री पटेल

 

📝 खरगोन से अनिल बिलवे की रिपोर्ट   /

खरगोन-बड़वानी क्षेत्र के सांसद श्री गजेन्द्र सिंह पटेल की अध्यक्षता में 28 फरवरी को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति दिशा की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, सांसद आदर्श ग्राम योजना, प्रधानमंत्री सड़क योजना, लोक निर्माण विभाग, सेतु संभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम की सड़कों व पुल पुलियों, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मजरे टोले के विद्युतीकरण, पीएमश्री स्कूल एवं सीएम राईज स्कूल, सांसद निधि से स्वीकृत कार्य, जिले में स्वीकृत एवं प्रस्तावित निर्माण कार्य, अनुकम्पा नियुक्ति प्रकरण, सम्पूर्णता अभियान, धरती आबा योजना, जिले में उद्योग स्थापना एवं आकांक्षी ब्लॉक के कार्यों की समीक्षा की गई।

 

बैठक में विधायक श्रीमती झूमा सोलंकी, श्री केदार डावर, कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री आकाश सिंह, अपर कलेक्टर श्रीमती रेखा राठौर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनुबाई तंवर, जनपद अध्यक्ष श्री महेन्द्र सिंह किराड़े, श्रीमती गंगाबाई मण्डलोई, श्रीमती संगीता नार्वे, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती छाया जोशी, अन्य जनप्रतिनिधि एवं सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

 

सांसद श्री पटेल ने बैठक में अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी अधिकारी शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए क्षेत्र का नियमित रूप से भ्रमण करें। खरगोन जिले के विकास के लिए जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी आपस में समन्वय बनाकर कार्य करें और विकास में सहभागी बने। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। 2047 के भारत में खरगोन जिला भी विकास के मामले में एक चमकता सितारा बने, इस संकल्प लेकर खरगोन जिले में भी कार्य करने की आवश्यकता है। सांसद श्री पटेल ने कहा कि विधायक निधि एवं सांसद निधि के कार्यों की नियमित रूप से समीक्षा की जाए। जिन क्षेत्रों में शाला भवन जर्जर है, उनके निर्माण के प्रस्ताव शासन को भेजे जाए।

 

जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पूर्ण हो चुकी नल जल योजनाओं को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए। योजना हस्तांतरित होने के बाद भी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग योजना के संचालन में पंचायत की मदद करें। जिन स्थानों पर ठेकेदारों द्वारा समय-सीमा में काम नहीं किया जा रहा है और काम की गुणवत्ता ठीक नहीं है, उन ठेकेदारों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाए।

 

इस दौरान बताया गया कि जिले में कुल 778 नल योजनाएं स्वीकृत है। इनमें से 551 योजनाएं पूर्ण हो चुकी है और 406 योजनाएं ग्राम पंचायतों को हस्तातंरित कर दी गई है। जिले की 248 बसाहटों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान में कार्य योजना बनाई गई है। कलेक्टर सुश्री मित्तल ने इस दौरान बताया कि नल जल योजना में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के विरूद्ध ब्लेक लिस्टेड करने की कार्यवाही की गई है। इन ठेकेदारों को अब जिले में किसी भी विभाग द्वारा काम नहीं दिया जाएगा। ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित नल जल योजना में जल कर की वसूली के लिए 10 प्रतिशत कमिशन पर महिला स्व सहायता समूहों एवं सहकारी समितियों को जिम्मेदारी दी जा रही है।

 

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्ष 2024-25 में जिले में 14 हजार 467 आवास का लक्ष्य मिला है। इसके विरूद्ध 13 हजार 980 आवास स्वीकृत किये गए हैं। इनमें से 12933 को प्रथम किश्त एवं 8545 को द्वितीय किश्त प्रदान की जा चुकी है। सितंबर 2024 में जिले को 31 हजार 237 आवासों का नया लक्ष्य मिला था। इसमें से 10 हजार 857 आवास स्वीकृत हो चुके हैं। अगले 05 वर्ष तक के लिए आवास प्लस योजना में आवासहीन लोगों का सर्वे किया जा रहा है। अब तक 42 हजार 560 लोगों का सर्वे हो चुका है। आवासहीन व्यक्ति इस सर्वे में ऑनलाइन भी शामिल हो सकते हैं। इस सर्वे में आवासहीन व्यक्ति 31 मार्च तक अपने नाम जुड़वा सकते हैं। कलेक्टर सुश्री मित्तल ने बैठक में बताया कि आवास प्लस योजना के सर्वे के लिए जिले के ग्रामों में आवास मेले लगाएं जाएंगे और इनकी प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जाएगी।

 

सांसद श्री पटेल ने कहा कि आवास प्लस योजना के सर्वे का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। जिससे सभी आवासहीन लोगों के नाम इस सर्वे में शामिल किये जा सकेंगे। इसी सर्वे के आधार पर अगले 05 साल तक जिले को आवास निर्माण के लिए लक्ष्य मिलेगा। अतः इसे अधिकारी जनप्रतिनिधि गंभीरता से लें। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की चर्चा करते हुए सांसद श्री पटेल ने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ ही जनप्रतिनिधि भी किसानों की फार्मर आईडी बनवाने के लिए तत्परता के साथ कार्य करें। 31 मार्च तक फार्मर आईडी का कार्य करवा लें। जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनेगी, उन्हें मार्च के बाद इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

 

स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सिसोदिया ने बताया कि संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले में मातृ शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। सिकलसेल से ग्रसित गर्भवती माता के प्रसव के लिए विशेष इंतजाम किये गए हैं। सिकलसेल जांच के लिए जिले में 09 लाख 78 हजार लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है। इसके विरूद्ध 08 लाख 51 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इसमें 1548 लोग सिकलसेल के मरीज पाये गए हैं। इनमें से 1145 मरीजों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृत कर दी गई है।

 

सांसद श्री पटेल ने कहा कि सिकलसेल के सभी मरीजों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृत की जाए। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत होने वाले सामूहिक विवाह में भी वर-वधू की सिकलसेल रिपोर्ट देखी जाए। वर-वधू दोनों के सिकलसेल मरीज होने पर उनकी संतान के भी सिकलसेल से ग्रसित होने की संभावना रहती है। अतः इस पर विशेष ध्यान दिया जाए कि वर-वधू दोनों सिकलसेल से ग्रसित न हो।

 

विद्युत विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान सांसद श्री पटेल ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि 03 किलोवाट क्षमता के सौलर पैनल लगाने के लिए 01 लाख 80 हजार रुपये का खर्चा आता है। इसमें केन्द्र शासन द्वारा 78 हजार रुपये का अनुदान दिया जाता है। जिले के सभी आश्रम छात्रावासों में भी सौलर पैनल लगाएं जाए। इस दौरान विधायक श्रीमती झूमा सोलंकी ने बताया कि उन्होंने अपने घर पर सौलर पैनल लगाया है। इससे उन्हें बहुत लाभ हो रहा है। पहले उनका बिजली बिल 12 हजार रुपये तक आता था। लेकिन अब 700 रुपये ही बिल आता है। इस दौरान अक्षय ऊर्जा अधिकारी श्री राजेन्द्र गोयल ने बताया कि जिले की 44 संस्थाओं से सौलर पैनल लगाने के लिए आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। अधीक्षण यंत्री श्री एसएस वर्मा ने इस दौरान बताया कि प्रधानमंत्री धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान में 1023 मजरे टोले के 1800 परिवारों के घर तक बिजली पहुंचाने के लिए 97 करोड़ रुपये की कार्ययोजना बनाई गई है। भीकनगांव के रतनपुर एवं भगवानपुरा के धुलकोट में विद्युत उपकेन्द्र का कार्य प्रगति पर है। आरडीएसएस योजना के अंतर्गत जिले में 11 विद्युत उपकेन्द्र स्वीकृत किये गए हैं।

 

सांसद श्री पटेल ने भोपाल में हुई इन्वेस्टर्स समिट की चर्चा करते हुए कहा कि खरगोन जिले में भी निवेश को प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है। जिले के जिन औद्योगिक क्षेत्रों में उद्यमियों को जमीन आवंटित की गई है, लेकिन उनके द्वारा अब तक कोई उद्यम स्थापित नहीं किया गया है तो ऐसे जमीन का आवंटन निरस्त कर नये उद्यमी को आवंटित की जाए।

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