दीपका / कोरबा SECL दीपका ने मिट्ट उत्खनन का कार्य कंलिगा कंपनी को उत्खनन का कार्य के लिए दिया गया था , जिसमें SECL ने ग्रामीणों की जमीन उसको रोजगार , मुआवजा और बिजली पानी के साथ ही साथ अच्छे शिक्षा देने के लिए उसके जमीन को अधिकृत किया गया । कंलिगा कंपनी के द्वारा बाहरी व्यक्तियो को रोजगार दिया जा रहा है जिसमें भूविस्थापित बेरोजगारो को कंपनी काम नहीं दिया जा रहा है ।
¸जिसकी जानकारी भूविस्थापित कोयला कर्मचारी के सदस्यों को हुआ और रतिजा , चैनपुर , हरदीबाजार , रेकी , आमगाव , बतारी , के ग्रामीणों के साथ आन्दोलन शुरू कर दिया गया । कंलिगा कंपनी के मेन गेट पर सुबह पांच बजे से ही ग्रामीण यहाँ पर नारेबाजी करते हुए महिला , पुरुष , बेरोजगारो के साथ मेन गेट पर डटे रहे , सुबह से ही SECL दीपका और कंलिगा कंपनी का कार्य बाधित रहा । जिसमें कंलिगा कंपनी के प्रमुख विकास दुबे को जानकारी हुआ तब मौके पर पहुंच कर नारेबाजी कर रहे ग्रामीण और भूस्थापित कोयला कर्मचारी के पदाधिकारी को समझाते हुए कहा कि हमारे कंपनी योग्यता के अनुसार बेरोजगारो को कार्य पर रखता है , जो गाड़ी चला नहीं सकता उसको कंपनी कैसे कार्य पर रखेगी , हमारे कंपनी में लगभग 500 बेरोजगारो को कार्य पर रखा चुका है भूविस्थापितयो को हमारे कंपनी योग्यता के अनुसार बेरोजगारो को कार्य पर रखने के लिए तैयार हैं । वहीं भूविस्थापित कोयला कर्मचारी कोरबा जिलाध्यक्ष संतोष पटेल ने कहा कि बाहरी व्यक्ति को आपके कंपनी रोजगार दे रहे हैं और स्थानीय लोगों को आप रोजगार नहीं दे रहो हो , पहले आपके कंपनी स्थानीय और भूविस्थापितयो को पहले रोजगार दो । काफी मक्शत के बाद कंलिगा कंपनी और ग्रामीणों के समझैता हुआ तब जाकरके कंपनी का कार्य शुरू हुआ और कंपनी का गाड़ी चलने के लिए शुरू हुआ जिसमें भूविस्थापित कोयला कर्मचारी के कोरबा जिलाध्यक्ष संतोष पटेल , प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा ऊषा विश्वकर्मा , उपाध्यक्ष रामेश्वर यादव , कृष्णा जायसवाल , विद्य राठौर , सचिव प्रमोद पटेल , नंदेशवरी साहू , रानी पटेल , राजिमकण , मीना लहरे , दुर्गा बाई , दुर्गेश साहू , जानू पटेल , अजय पटेल सहित बड़ी संख्या में महिला पुरुष उपस्थित थे ।¸R