22 फरवरी विश्व में उत्पन्न सामाजिक समस्या का एक मात्र कारण साधनों की अपवित्रता है इसलिए गांधी जी का आजादी के आन्दोलन में भी साधनों की पवित्रता पर जौर रहा ये उद्गार खादी परिषद में सर्वोदयी नेता भगवानदास माहेश्वरी स्मृति में व्याख्यान माला “साधन एवं साध्य की पवित्रता से ही सही दिशा में परिवर्तन संभव विषय पर जैसलमेर के गौरव रिटायमेन्ट आई.ए.एस.श्याम सुन्दर बिस्सा ने व्यक्त किये। बिस्सा ने कहा कि गांधी ने चौरा चौरी काण्ड पश्चात तुरन्त आजादी का आन्दोलन स्थगित कर दिया था। उसका कारण आन्दोलन कारियों की ओर से हुई हिंसा थी। उन्होंने कहा कि गांधी जी शुद्ध साधनों से ही आजादी चाहते थे इसलिए उन्होंने सत्य पर जौर देते हुये कहा कि मनुष्य के प्रति मनुष्य का भेदभाव नहीं होना चाहिए। व्याख्यानमाला की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ शिक्षाविद् बालकृष्ण जोशी ने कहा कि हमें हमारे जीवन में गांधी जी के सिद्धान्तों को उतारना चाहिये व सत्य आधारित समाज रचना का निर्माण करना चाहिये। व्याख्यान माला की शुभारम्भ स्व. भगवानदास जी के चित्र पर दीप प्रजलित व पुष्पाजंलि कर किया राजस्थान समग्र सेवा संघ के अध्यक्ष सवाईसिंह ने श्यामसुन्दर जी बिस्सा का परिचय देते हुये कहा कि वे हर मंगलवार को गांधी विचार पर जयपुर में संगोष्ठि का आयोजन कर गांधी विचारों को फैलाने का नेक कार्य कर रहे है।
नगरपरिषद के सभापति हरिवलभ कल्ला ने कहा कि स्व.भगवानदास माहेश्वरी ने आज से 70वर्ष पूर्व मृत्यु भोज की कुप्रथा को समाप्त कर उस राशि से गांधी बाल मंदिर की स्थापना की। वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता किशनगिरी ने आभार व्यक्त य कार्यक्रम का संचालन खादी परिषद् के मंत्री राजूरामप्रजापत ने किया इस अवसर पर स्व. गंगासिंह मेहता स्मृति कोष से कार्यकर्ता लूणसिंह सोढा, श्रीमती इन्द्रा कौशल एवं श्रीमती संतोषभट्टनागर को पांच हजार एक सौ की नगद प्रोत्साहन राशि का चेक देकर सम्मानित किया।
सभा में पूर्व जिला प्रमुख अंजना मेधववाल, गीता आश्रम के अध्यक्ष राजेन्द्र व्यास, गांधी दर्शन समिति के संयोजक उम्मेदसिंह तंवर, सहसंयोजक रूपचन्द्र सोनी, वरिष्ठ साहित्यकार नंदकिशोर शर्मा, ओमप्रकाश भाटिया, लक्ष्मीनारायण खत्री, वरिष्ठ शिक्षाविद् बालकृष्ण जंगाणी, रमणलाल पवार, बराईदीन सांवरा, अशोक तंवर, पूर्व पार्षद गवरादेवी मालपानी, पार्षद पवन सुदा, सीमाग्राम स्वराज्य संघ के अध्यक्ष अरूण जंगाणी व मंत्री शंकरलाल प्रजापत, कबीरबस्ती संस्था के डलाराम, बादलनाथ खादी के मंत्री भगवानाराम, समाज सेवी दीनदयाल तवर, राधेश्याम मालपानी, कमलकिशोर व्यास, कुन्दनलाल प्रजापत, भीमसिंह भाटी, मधुसुदन व्यास, चन्द्रशेखर आचार्य, ब्रजरानी मालपानी, अंजिता जैन, ममता बिस्सा, रिषी गोपा, शिक्षा विकास के सहमंत्री नटवर जोशी सहित रचनात्मक संस्थाओं व शिक्षा जगत से जुड़े सैकडो जन शामिल रहे।