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*एक संकल्प, सैकड़ों मुस्कानें और सुरक्षित भविष्य की कहानी*

खास खबर

*एक संकल्प, सैकड़ों मुस्कानें और सुरक्षित भविष्य की कहानी*

*प्रवीण शर्मा के नेतृत्व में बाल हित से राष्ट्रहित की दिशा में खंडवा बना प्रेरणादायक मॉडल*

खंडवा
जब एक व्यक्ति यह संकल्प लेता है कि कोई भी बच्चा असुरक्षित, उपेक्षित या अधिकारों से वंचित नहीं रहेगा, तब उसके प्रयास सैकड़ों बच्चों के जीवन में आशा की नई किरण बन जाते हैं। प्रवीण शर्मा, अध्यक्ष न्यायपीठ बाल कल्याण समिति खंडवा ने इसी संकल्प को अपना मिशन बनाकर बाल संरक्षण के क्षेत्र में ऐसी मिसाल स्थापित की है, जिसकी गूंज आज जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक सुनाई दे रही है।

“बाल हित से राष्ट्रहित” की सोच को आत्मसात करते हुए उन्होंने बाल संरक्षण को केवल एक वैधानिक दायित्व नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार माना। उनके नेतृत्व में बाल कल्याण समिति खंडवा ने किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्य करते हुए सैकड़ों बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया।

समिति द्वारा 350 से अधिक बच्चों का पारिवारिक एवं संस्थागत पुनर्वास, 607 बच्चों को बाल स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ, तथा 410 से अधिक बच्चों की मनोवैज्ञानिक एवं व्यवहारिक काउंसलिंग कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया गया। यह केवल पुनर्वास नहीं, बल्कि टूटे हुए आत्मविश्वास को फिर से खड़ा करने और बच्चों के भविष्य को नई दिशा देने का प्रयास था।

पॉक्सो प्रकरणों में त्वरित एवं संवेदनशील कार्यवाही, दत्तक ग्रहण प्रक्रिया का सुदृढ़ीकरण, कैरियर काउंसलिंग, नेतृत्व विकास एवं बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास किए गए। उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, झारखंड, पंजाब, महाराष्ट्र, दिल्ली, कर्नाटक एवं मध्यप्रदेश से जुड़े अनेक नाबालिग बच्चों के मामलों में भी समिति ने प्रभावी हस्तक्षेप कर पुनर्वास और संरक्षण सुनिश्चित किया।

बाल चौपाल, बाल संसद, प्रशिक्षण सेमिनार एवं कार्यशालाओं के माध्यम से समाज में बाल संरक्षण के प्रति जागरूकता का व्यापक अभियान चलाया गया। इन कार्यक्रमों ने हजारों लोगों को यह समझाया कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

इन उपलब्धियों में समिति के सदस्य मोहन मालवीय, रुचि पाटिल, स्वप्निल जैन एवं कविता पटेल का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी सदस्यों ने समर्पण और संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए बाल संरक्षण की इस मुहिम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

आज खंडवा की यह कहानी बताती है कि एक सशक्त संकल्प, संवेदनशील नेतृत्व और समर्पित टीम मिलकर सैकड़ों बच्चों के जीवन को बदल सकती है।

प्रेरक संदेश

“जब संकल्प बच्चों की मुस्कान के लिए हो, तो हर प्रयास राष्ट्र निर्माण का आधार बन जाता है” प्रवीण शर्मा अध्यक्ष न्यायपीठ बाल कल्याण समिति खंडवा

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