ताज़ा ख़बरें

हरसूद विधानसभा में बिजली विभाग का बड़ा फर्जीवाड़ा: बिना मीटर आदिवासी क्षेत्र में वसूला जा रहा अंग्रेजों की तरह लगान, ‘शिवसेना’ ने कलेक्टर से की शिकायत

खास खबर

हरसूद विधानसभा में बिजली विभाग का बड़ा फर्जीवाड़ा: बिना मीटर आदिवासी क्षेत्र में वसूला जा रहा अंग्रेजों की तरह लगान, ‘शिवसेना’ ने कलेक्टर से की शिकायत
हरसूद/खण्डवा:
मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य हरसूद विधानसभा क्षेत्र में विद्युत विभाग के कर्मचारियों द्वारा एक अनोखे और बड़े भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। आदिवासी बहुल्य क्षेत्र में शासन की ‘100 यूनिट फ्री बिजली योजना’ का लाभ देने की बजाय, बिना रशीद, बिना मीटर के ही उनसे जबरन मोटी रकम वसूली जा रही है इस गंभीर मामले को लेकर शिवसेना ने कड़ा रुख अपनाया है। शिवसेना जिला प्रमुख गणेश भावसार और हरसूद विधानसभा अध्यक्ष सत्यम सोनी ने खंडवा कलेक्टर और इंदौर संभाग के अधीक्षण यंत्री को लिखित शिकायत सौंपकर विभागीय जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।” शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि हरसूद विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी इलाकों में जिन घरों में बिजली के मीटर तक नहीं लगे हैं, वहाँ सुपरवाइजर और लाइनमैन की मिलीभगत से उपभोक्ताओं को मुंहमांगा बिल पकड़ा ‘जंगल राज’ अहसास कराया जा रहा ये कर्मचारी आदिवासियों को डरा-धमकाकर बिजली बिल के नाम पर मोटी रकम वसूल रहे हैं। हद तो तब हो गई जब पैसे न देने पर उपभोक्ताओं की तुरंत लाइट कर दबाव बनाए जाने लगे, जेल भेजने की धमकी दी जाती है। इन्हें तो मोटा बिल लेकर भी संतोष न हुआ अंग्रेजों की तर्ज पर ” 2-2 बोरी गेहूं और चना की मांग गरीब आदिवासियों को अंग्रेजों के लगान से कम नहीं लग रहा गरीब आदिवासी भारी-भरकम रकम चुकाने को मजबूर हैं,
*शिकायत के बाद भी सो रहा बिजली विभाग*
शिवसेना पदाधिकारियों ने बताया कि इस मामले की लिखित शिकायत 25 मई 2026 को कनिष्ठ यंत्री (वितरण केंद्र, म.प्र.प.क्षे.वि.वि.कं.लि. खालवा/हरसूद) को भी की गई थी। लेकिन चार दिन बीत जाने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों ने भ्रष्ट कर्मचारियों पर आज दिनांक तक कोई कार्रवाई नहीं की है। विभाग की इस चुप्पी ने अधिकारियों की मिलीभगत को जाहिर कर दिया और आदिवासियों का लगातार शोषण हो रहा है।कर्मचारी मिलकर शासन की योजनाओं को पलीता लगाने में लगे हे और सरकार को भारी चपत लगा रहे हैं।शिवसेना की प्रमुख मांगें:
सरकार की ‘100 यूनिट मुफ्त बिजली योजना’ का लाभ वास्तविक उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष विभागीय जांच कराई जाए।आदिवासियों को डराने-धमकाने वाले दोषी सुपरवाइजर और लाइनमैन पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई हो।पीड़ित आदिवासियों को उनके द्वारा जमा किए गए रुपयों की लिखित बिजली बिल रसीद प्रदान की जाए।भ्रष्टाचार में लिप्त इन अधिकारियों और कर्मचारियों की अवैध संपत्ति की जांच की जाए और उनसे इस राशि की वसूली की जाए।

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!