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प्रदेश में पहली बार हायर सेकेंडरी और हाई स्कूल के विद्यार्थियों को मिल रहा “द्वितीय परीक्षा” का अवसर

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प्रदेश में पहली बार हायर सेकेंडरी और हाई स्कूल के विद्यार्थियों को मिल रहा “द्वितीय परीक्षा” का अवसर

“द्वितीय अवसर” परीक्षा के इच्छुक परीक्षार्थी 22 अप्रैल तक कर आवेदन कर सकते हैं

खण्डवा//प्रदेश में 10वीं और 12वीं के अनुपस्थित, अनुत्तीर्ण और अंक सुधार के इच्छुक परीक्षार्थीयों के लिए पूरक परीक्षा के स्थान पर पहली बार द्वितीय परीक्षा देने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक्स पर विद्यार्थियों से कहा कि आपको इस द्वितीय अवसर का भरपूर लाभ उठाना है। विद्यार्थियों को रुकना नहीं, अब और भी बेहतर करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियों के लिये पूरक परीक्षा के स्थान पर द्वितीय अवसर परीक्षा के इच्छुक परीक्षार्थी 22 अप्रैल तक mponline पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
इस वर्ष किसी भी छात्र का परीक्षाफल पूरक घोषित नहीं किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अब विद्यार्थियों के लिए “द्वितीय परीक्षा” आयोजित की जा रही है। जो विद्यार्थी अनुपस्थित रहे, अनुत्तीर्ण हुए या अंक सुधारना चाहते हैं, वे निराश न हों, सरकार उनके साथ खड़ी है।

“द्वितीय अवसर परीक्षा” 7 से 25 मई तक होगी
“द्वितीय अवसर परीक्षा” 7 से 25 मई तक आयोजित होगी। राज्य सरकार द्वारा विद्यार्थियों को पिछली बार से अधिक परिश्रम और बेहतर करने के लिए एक मौका और दिया गया है। अनुत्तीर्ण हुए बच्चों के माता-पिता को ऐसे मौके पर अपने बच्चे के साथ खड़े होने और उन्हें हौसला देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि जीवन की राह में छोटी-मोटी असफलताएं हमें और अधिक मजबूत बनाने के लिए आती है। गिरकर संभलने वाला ही असली विजेता कहलाता है।
माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित की जा रही द्वितीय अवसर परीक्षा में ऐसे छात्र जो मंडल की प्रथम परीक्षा में एक या अधिक विषयों में अनुपस्थित या अनुत्तीर्ण रहे हों वे भी सम्मिलित हो सकेंगे। ऐसे परीक्षार्थी जो किसी विषय में उत्तीर्ण हो गए हों, वे भी अंक सुधारने के लिए द्वितीय अवसर परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं। परीक्षार्थियों का प्रथम एवं द्वितीय अवसर में से जो भी श्रेष्ठ परिणाम होगा, वह अंतिम रूप से मान्य रहेगा। प्रायोगिक विषयों में किसी छात्र को प्रायोगिक और आंतरिक परीक्षा के केवल अनुत्तीर्ण भाग में शामिल होने की पात्रता होगी। द्वितीय अवसर परीक्षा में परीक्षार्थी को विषय परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी।

 

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