
पितृ पक्ष में गया की यात्रा:जरवल से श्रद्धालु पूर्वजों के पिंड दान के लिए रवाना,

बहराइच । जरवल क्षेत्र के अनेक स्थानों से लोग अपने अपने पितरों के पिंडदान श्राद्ध निमित्त गया धाम तीर्थ बिहार के लिए रवाना हुए। गया धाम तीर्थ रवाना होने से पूर्व लोगों ने बैंड बाजे के साथ अपने अपने मोहल्ला में में धूमते हुए अक्षत (चावल) बिखराया तथा कुल देवता की पूजा किया। गया तीर्थ जाने वाले लोगों के परिजन बैंड बाजे के साथ नाचते गाते गया धाम जाने वाले लोगों को हाईवे के अंतिम छोर तक जाकर विदा किया। जरवल के अनेक स्थानों से लोग रविवार को अपने अपने पितरों के पिंडदान श्राद्ध निमित्त गया तीर्थ बिहार के लिए रवाना हुए।हिंदू धर्म में गया को पिंड दान का सबसे पवित्र स्थान माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यहां पिंड दान करने से पितरों की आत्मा को स्वर्गलोक की प्राप्ति होती है।
यात्रा से पूर्व श्रद्धालुओं ने अपने घरों में विधिवत पूजा-पाठ किया। उन्होंने भगवान विष्णु और पितरों का स्मरण कर आशीर्वाद लिया।
मनोज गुप्ता ने कहा कि पितृ पक्ष में गया जाकर पिंड दान करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्हें विश्वास है कि इससे पितरों को शांति मिलेगी। साथ ही घर-परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहेगा।
गया में फल्गु नदी के तट पर पिंड दान और श्राद्ध का विशेष महत्व है। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु इस पावन अवसर पर यहां आते हैं। रूपचंद कसौधन पत्नी संग माया देवी पितृ पक्ष की इस परंपरा को निभाकर अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता प्रकट करेंगे।











