
“चाचुआ” कुप्रथा के उन्मूलन के लिए विशेष अभियान प्रारंभ ,बच्चों को दागने के कार्य में संलग्न लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही होगी
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खण्डवा//
आदिवासी बहुल विकासखंड खालवा के ग्रामीण क्षेत्रों में “चाचुआ” अर्थात बच्चों को दागने जैसी कुप्रथा को रोकने के लिए जन जागरूकता अभियान का शुभारंभ कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता की उपस्थिति में मंगलवार को खालवा में आयोजित कार्यक्रम में किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत के सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा के अलावा एसडीएम हरसूद श्री पुरुषोत्तम कुमार तथा जनपद पंचायत खालवा की अध्यक्ष श्रीमती सोनता बाई तथा उपाध्यक्ष श्रीमती सती बाई सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद थे।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि पहले चरण में अगले तीन चार महीने तक “चाचुआ” अर्थात बच्चों को दागने जैसी कुप्रथा को रोकने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए गांव-गांव में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, गांव की एएनएम, पंचायत सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक को शामिल करते हुए ग्रामवार कर्मचारियों के दल गठित किए जाएंगे, जो कि इस तरह की कुप्रथा को रोकने के लिए प्रयास करेंगे और आवश्यक होने पर इस कुप्रथा में शामिल लोगों के विरुद्ध कार्यवाही प्रस्तावित करेंगे।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि बाल संरक्षण आयोग द्वारा इस कुप्रथा को कानूनन अपराध बताया गया है, तथा किशोर न्याय अधिनियम 2015 में भी इस कुप्रथा को रोकने के लिए प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि समझाइश के बावजूद भी जो लोग नहीं मानेंगे उनके विरुद्ध पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। कलेक्टर श्री गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि चाचुआ जैसी कुप्रथा से कोई भी बच्चा स्वस्थ नहीं हो सकता, बल्कि कई बच्चे इस कुप्रथा के कारण मर भी जाते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी बीमारी होने पर ग्रामीणजन नीम हकीमों के चक्कर में ना पड़ें, बल्कि बच्चों को सीधे सरकारी अस्पताल ले जाएं। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा इस कुप्रथा को रोकने के सम्बंध में तैयार प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया तथा मास्टर ट्रेनर ने उपस्थित ग्रामीणों से इस कुप्रथा को रोकने में सहयोग करने की अपील की।










