
रिपोर्टर= भव्य जैन
झाबुआ। केशव विद्यापीठ में कारगिल युद्ध के अमर शहीदों के अदम्य साहस, शौर्य एवं सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था की प्राचार्या श्रीमती वंदना नायर द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम एवं देशभक्ति की भावना विकसित करने के उद्देश्य से स्लोगन एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कक्षा 1 एवं 2 के विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता सेनानियों एवं देशभक्त वीरों पर प्रेरणादायक नारे एवं कविताएँ प्रस्तुत कीं, जबकि कक्षा 3 एवं 4 के विद्यार्थियों ने कारगिल के वीर सैनिकों के अदम्य साहस, त्याग और देशभक्ति पर अपने विचार व्यक्त कर सभी को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम में शिक्षिका प्रीति तिवारी ने विद्यार्थियों को कारगिल विजय दिवस का महत्व बताते हुए कहा कि वर्ष 1999 में मई से जुलाई के बीच कारगिल में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध में भारतीय सेना ने अद्वितीय वीरता का परिचय देते हुए 26 जुलाई को ऐतिहासिक विजय प्राप्त की थी। इसी विजय और शहीद सैनिकों के सम्मान में प्रतिवर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है।
अपने संबोधन में प्राचार्या श्रीमती वंदना नायर ने कहा कि कारगिल विजय दिवस हमें राष्ट्र के वीर सैनिकों के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान से प्रेरणा लेने का संदेश देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का समापन कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक स्वर में “भारत माता की जय” एवं “वंदे मातरम्” के उद्घोष के साथ हुआ। कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षिका प्रीति तिवारी ने किया।











