
जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक संपन्न
—
खण्डवा//कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. नागार्जुन बी. गौडा, सहायक कलेक्टर श्री कृष्णा सुशीर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओपी जुगतावत, नगर निगम आयुक्त श्रीमती प्रियंका राजावत और जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास सहित विभिन्न अधिकारी तथा बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने बैठक में स्पॉन्सरशिप योजना, मिशन वात्सल्य के क्रियान्वयन, पीएम केयर योजना, मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सहित महिला एवं बाल विकास की विभिन्न योजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी ली । उन्होंने बैठक में बाल देखरेख संस्थाओं की प्रगति की भी समीक्षा की तथा किशोर न्याय बोर्ड और बाल कल्याण समिति की कार्यवाही के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर श्री गुप्ता ने बैठक में निर्देश दिए कि विभिन्न बाल संरक्षण योजनाओं के तहत बालकों का संरक्षण पूरी संवेदनशीलता के साथ किया जाए।
बैठक में बताया गया कि शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह में खंडवा के साथ-साथ खरगोन, बुरहानपुर एवं हरदा जिले के विधि विरुद्ध बालकों को भी अस्थाई आश्रय दिया जाता है। इसके अलावा शिशु गृह में 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों को अस्थाई रूप से रखने की व्यवस्था है। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास ने बताया कि खंडवा जिले में स्पॉन्सरशिप योजना के तहत 128 बच्चों को लाभान्वित किया गया है। इस योजना के तहत ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता या संरक्षक नहीं है, ऐसे बच्चों को चिन्हित कर उन्हें स्पॉन्सरशिप योजनाओं का लाभ दिलाया जाता है। इन बच्चों के लिए 4000 रुपए प्रतिमाह की सहायता राशि देने की व्यवस्था इस योजना में की गई है।
बैठक में बताया गया कि आफ्टर केयर योजना में 3 बच्चों को तथा मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना में 98 बच्चों को लाभान्वित किया गया है। मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के तहत भी बच्चों को 4000 रुपए प्रति माह की सहायता राशि देने का प्रावधान है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि कोविड-19 बाल सेवा योजना के तहत ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है, उन्हें 5000 रुपए महीने की आर्थिक सहायता तथा निशुल्क राशन की व्यवस्था भी योजना के तहत की गई है। इस योजना के तहत कुल 43 बच्चों को लाभान्वित किया गया है। उन्होंने बताया कि पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत जिले के 7 बच्चों को लाभान्वित किया गया है। यह योजना ऐसे बच्चों के लिए संचालित की गई है जिनके माता-पिता की मृत्यु कोविड काल में हो गई थी। ऐसे बच्चों को 23 वर्ष की आयु में इस योजना के तहत 10 लाख रुपए की वित्तीय सहायता देने का प्रावधान किया गया है।











