
पंडित प्रमोद बापट की स्मृति में सजी सुरों की संध्या, युवा कलाकारों ने बिखेरा संगीत का जादू।
किशोर दा की संगीत नगरी में हुआ शानदार संगीत का आयोजन।
खंडवा। प्रख्यात वरिष्ठ सितार वादक पंडित प्रमोद बापट जी की स्मृति में स्वर श्रृंगार संस्था द्वारा डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय के सिटी ऑफिस, इंदिरा चौक, खंडवा में आयोजित सांगीतिक संध्या संगीत प्रेमियों के लिए एक यादगार आयोजन सिद्ध हुई। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि वरिष्ठ सितार वादक एवं संस्था के संस्थापक कनक अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में युवा कलाकारों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ खंडवा, इंदौर, ग्वालियर एवं अन्य शहरों से आए लगभग आठ युवा सितार वादकों तथा दो तबला वादकों के सामूहिक वादन से हुआ। कलाकारों ने राग भूपाली में रज़ाखानी गत, तानों तथा झाला सहित प्रभावशाली प्रस्तुति दी। इसके पश्चात राग वृन्दावनी सारंग में मनोहारी धुन प्रस्तुत की गई। सितार वादन का समापन भक्ति रस से ओतप्रोत राम भजन “श्री रामचंद्र कृपालु भज मन” से हुआ, जिसने पूरे सभागार को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि किशोर दा की संगीत नगरी में शानदार संगीत संध्या का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम के अगले चरण में खंडवा की प्रतिष्ठित गायिका एवं आकाशवाणी ग्रेडेड कलाकार श्रीमती वर्षा मिश्रा ने सुगम संगीत, ग़ज़लों एवं भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुतियाँ देकर श्रोताओं का मन मोह लिया। उनके मधुर स्वर और सशक्त अभिव्यक्ति ने कार्यक्रम को नई ऊँचाई प्रदान की।
इसके उपरांत युवा तबला वादक अविनाश रजावत के नेतृत्व में लगभग दस तबला वादकों ने सामूहिक तबला वादन प्रस्तुत किया। कलाकारों का अद्भुत तालमेल, लयबद्धता एवं सामंजस्य दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा। उनकी प्रस्तुति को उपस्थित संगीत प्रेमियों ने खूब सराहा।
हारमोनियम तथा गिटार पर संगत के लिए घनश्याम राठौड़ तथा शांतनु सोहनी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. अरुण जोशी, कुलपति, डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय रहे। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि संगीत मन को एकाग्र करने के साथ-साथ रचनात्मकता को भी विकसित करता है तथा इस प्रकार के आयोजन युवाओं को भारतीय शास्त्रीय संगीत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विशिष्ट अतिथि के रूप में खंडवा के प्रख्यात उद्योगपति, साहित्यकार एवं समाजसेवी श्री आलोक सेठी
तथा वरिष्ठ पत्रकार एवं शिक्षाविद् श्री जय नागड़ा उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने स्वर श्रृंगार संस्था के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन शहर की सांस्कृतिक चेतना को सशक्त बनाते हैं तथा युवा प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम में नगर के अनेक कला प्रेमी, संगीत रसिक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने पंडित प्रमोद बापट जी की स्मृति में आयोजित इस सांगीतिक संध्या को भारतीय संगीत परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक सार्थक पहल बताया।
कार्यक्रम का सफल संचालन श्री निमिष भंसाली जी द्वारा किया गया। अंत में संस्था की संस्थापक कनक अग्रवाल ने सभी अतिथियों, कलाकारों एवं उपस्थित श्रोताओं का आभार व्यक्त किया।










