*अवैध पार्किंग स्थल पर होती है श्रद्धालुओं के साथ गुंडागिर्दी*
*यातायात सुधार के लिए कोई प्लान नहीं प्रशासन के पास*
🎯 त्रिलोक न्यूज चैनल
उज्जैन
महाकाल मंदिर शिवरात्रि महोत्सव की जानकारी देने के लिए बुलाई गई पत्रकार वार्ता में जब एक पत्रकार ने उज्जैन शहर की कराह रही यातायात व्यवस्था और सड़कों पर पसरे अतिक्रमण की बात उठाई तो कलेक्टर नीरज सिंह ने देखते हैं बोलकर इतने गंभीर विषय को टाल दिया।
उज्जैन के नागरिक सड़कों पर यातायात दबाव के कारण बहुत परेशानी उठा रहे हैं। यहां पर कई मार्ग वन वे किए जाने से यातायात व्यवस्था सुधर सकती है। इंदौर में कलेक्टर आशीष सिंह की सख़्त कार्रवाई पिछले दो माह से अधिक समय से जारी है। यहां सड़क पर नियम विरुद्ध बने ओटले चढ़ाव सीढ़ियां बिना किसी दबाव के तोड़ डाले हैं। निगम की गैंग सड़कों पर उतर कर दिनभर कार्रवाई करती है जिसके सुखद परिणाम सामने आए हैं। यहां कोई राजनीति नहीं चल रही। महापोर से लेकर किसी बड़े नेता की हिम्मत नहीं हो रही की यातायात सुधार में हस्तक्षेप कर सके।
मुख्यमंत्री के शहर में पता नहीं कोन सा दबाव है कि अधिकारी कोई एक्शन नहीं लेना चाहते। जनता यातायात व्यवस्था सुधार के लिए अधिकारियों से अपील करके थक चुकी है लेकिन कोई यातायात प्लान बनाया जाना तो दूर सड़कों पर पुलिस व्यवस्था भी नहीं होती। अवैध पार्किंग स्थल खुले हुए हैं जो बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं से गुंडागिर्दी करके पैसा छीन रहे हैं। यह काम पुलिस के सामने आए हो रहा है लेकिन पुलिस ने आंखों और मुंह पर अघोषित पट्टी बांध रखी है।
अब सवाल उठता है कि ऐसा नहीं है कि अधिकारियों को यातायात की बिगड़ी स्थिति की जानकारी नहीं वो मौन क्यों है यह बात त्रस्त नागरिक जानना चाहते हैं।











