संवाददाता अखिलेश विश्वकर्मा का रिपोर्ट
कांडी प्रखंड से
वहीं आधा दर्जन बोड़ा में भरकर एक्सपायर हो चुकी फोलिक एसिड दवाओं की गोलियां भी जप्त की गई हैं। यह बहुत बड़ा आपराधिक कारनामा कांडी प्रखंड क्षेत्र में ही पेश आया है। उल्लेखनीय है कि सरकारी अस्पतालों से प्रमुख रूप से गरीब परिवारों के लोग ही दवाएं लेते हैं। लेकिन दवाओं को इस तरह बेदर्दी से फेंक कर सरकारी अस्पताल पर उनके आशा एवं भरोसे पर कुठाराघात किया गया है। यह मामला गंभीर जांच का विषय है। इस मौके पर सरकोनी पंचायत की सहिया साथी नीलम देवी, डेमा गांव की सहिया प्रमिला देवी, कुशहा हेल्थ सेंटर की एएनएम ज्वालामुखी कुमारी, ग्रामीणों में राजा घटहुआं के रितिक कुमार, विमलेश कुमार, सोनू कुमार, नीरज कुमार, बलराम कुमार एवं विकास कुमार आदि उपस्थित थे। स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय सूत्रों का कहना है कि 10 फरवरी से 25 फरवरी तक फाइलेरिया की दवा के साथ कीड़ा की दवा दिए जाने का अभियान चलाया गया था। लेकिन इस दौरान सहिया को घर-घर जाकर अपने हाथों से दवा खिलानी थी। अगर कोई बाद में खा लेंगे कहकर दवा मांगे तो उसे एक भी गोली देने का आदेश नहीं था। एल्बेंडाजोल वितरण के लिए एक टीम आने वाली है। उसकी बैठक के बाद 20 मार्च से कीड़ा की दवाओं का वितरण किया जा सकता है। सूत्र ने कहा कि स्कूलों में छात्र-छात्राओं को कीड़ा की दवा देने के लिए शनिवार एवं बुधवार का दिन निर्धारित है। उसके लिए दवाओं की शिक्षा विभाग के प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) को आपूर्ति की जाती है। फेंकी हुई दवा के विषय में कहा कि यह किसी हेल्थ सेंटर की दवा नहीं लगती है। इसलिए कि किसी भी केंद्र पर इतनी मात्रा में दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। हो सकता है कि यह किसी बीआरसी से फेंकी हुई दवा हो। इसकी जांच के लिए हम लोग कांडी थाना जा रहे हैं। दवाओं की जांच पड़ताल से कुछ पता चल सकता है।क्या कहा थाना प्रभारी ने :- इस संबंध में थाना प्रभारी गुलशन कुमार गौतम ने कहा कि उच्च पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि सनहा दर्ज कर संबंधित विभाग को इसकी सूचना देते हुए जांच करके अनुरोध करने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

क्या कहते हैं डीएमओ :- इस विषय में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ गोविंद प्रसाद सेठ ने कहा कि यह दवा कहां से आई इसकी जांच कराई जा रही है। वैसे यह दवा किसी स्वास्थ्य केंद्र की नहीं लगती है। वह अभी हेड क्वार्टर में मौजूद नहीं हैं। सोमवार को उपलब्ध होंगे। बावजूद इसके मामले की विभाग द्वारा जांच की जा रही है।

क्या कहते हैं सीएस :-इस संबंध में जिला के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सिविल सर्जन डॉक्टर अशोक कुमार ने कहा कि यह किस फैसिलिटी से भेजी हुई दवा है। यह बैच नंबर की जांच से पता चल जाएगा। मैंने इसकी जांच का आदेश दे दिया है।
क्या कहते हैं मंत्री :इस संबंध में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि मामले का पूरा डीटेल भेजिए। जांच कराई जाएगी।














