
चौपारण। प्रखंड के प्रोजेक्ट प्लस टू उच्च विद्यालय, रामपुर में स्टाफ शौचालय के उपयोग को लेकर विवाद सामने आया है। विद्यालय की महिला शिक्षिका रीना कुमारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी हजारीबाग को आवेदन देकर विद्यालय प्रबंधन पर शिक्षकों के उपयोग में आने वाले शौचालय में ताला लगाने का आदेश जारी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
डीईओ को दिए आवेदन में शिक्षिका ने कहा है कि विद्यालय में शिक्षकों एवं कर्मचारियों के उपयोग के लिए केवल एक ही चालू स्टाफ शौचालय है। आरोप है कि विद्यालय की आदेश पुस्तिका में 8 जुलाई 2026 को दर्ज आदेश के अनुसार तीन दिनों के बाद उक्त शौचालय में ताला लगाने का निर्देश दिया गया। इसके बाद शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं को छात्र-छात्राओं के शौचालय का उपयोग करने के लिए कहा गया, जो कर्मचारियों के लिए असुविधाजनक होने के साथ-साथ विद्यालय की व्यवस्था और छात्र-छात्राओं की निजता के दृष्टिकोण से भी उचित नहीं है। आवेदन में कहा गया है कि शौचालय कर्मचारियों की मूलभूत सुविधा है और बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए उसे बंद करना कर्मचारियों के स्वास्थ्य, सम्मान तथा कार्यस्थल की गरिमा के विपरीत है।
वहीं, विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मनोज कुमार यादव ने आरोपों को भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। उन्होंने कहा कि जिस शौचालय को बंद करने की बात कही जा रही है, वह प्रधानाध्यापक कक्ष के अंदर स्थित है और उसका उपयोग पदस्थ प्रधानाध्यापक के लिए निर्धारित है। विद्यालय में शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए अलग स्टाफ शौचालय उपलब्ध है, जिसका नियमित उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सभी शौचालयों के बाहर उनके उपयोगकर्ताओं का स्पष्ट उल्लेख किया गया है तथा प्रधानाध्यापक कक्ष स्थित शौचालय के संबंध में जारी आदेश विभागीय नियमों के अनुरूप है। इसकी लिखित सूचना पूर्व में ही जिला शिक्षा पदाधिकारी, हजारीबाग को भी भेजी जा चुकी है। अब मामले में विभागीय जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।













