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कर्मवीर विद्यापीठ बंद करने की तैयारी पर कांग्रेस का विरोध, खंडवा की अस्मिता और विरासत बचाने की उठी आवाज”

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कर्मवीर विद्यापीठ बंद करने की तैयारी पर कांग्रेस का विरोध, खंडवा की अस्मिता और विरासत बचाने की उठी आवाज”

कर्मवीर परिसर पहुच कर किया विरोध, मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर इस निर्णय को वापस लेने की करी मांग

पहले 30 जून को हरसूद डूबा था ,अब 30 जून को शहर की शैक्षणिक और सांस्कृतिक धरोहर को हो रही ताला लगाने की तैयारी

खंडवा/
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के खंडवा स्थित ‘कर्मवीर’ परिसर को बंद किए जाने की प्रस्तावित कार्रवाई का जिला कांग्रेस ने तीखा विरोध किया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष (शहर )प्रतिभा रघुवंशी ने कर्मवीर परिसर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि कर्मवीर परिसर को बंद करने के निर्णय को खंडवा की सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक विरासत पर आघात बताया तथा सरकार से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमांशु जैन ने बताया की बुधवार 24 जून को दोपहर 1 बजे आनंद नगर स्थित कर्मवीर विद्यापीठ परिसर में जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष (शहर)प्रतिभा रघुवंशी पहुंचे एवं कर्मवीर विद्यापीठ को बंद करने के फैसले का विरोध दर्ज कराया।
इस अवसर पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह ने कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी की कर्मभूमि खंडवा में स्थापित पत्रकारिता संस्थान का बंद होना पूरे जिले के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है। सिंह ने कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी देश के महान स्वतंत्रता सेनानी, साहित्यकार और पत्रकारिता के आदर्श रहे हैं। उनके नाम से संचालित संस्थान को केवल लाभ-हानि के आधार पर बंद करना उचित नहीं है। उन्होंने सांसद, विधायक एवं भाजपा नेताओं से अपनी सरकार पर दबाव बनाकर परिसर को बचाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि खंडवा की पहचान माखनलाल चतुर्वेदी और किशोर कुमार जैसी महान विभूतियों से है। ऐसे में उनकी स्मृतियों और विरासत से जुड़े संस्थानों को समाप्त करना शहर की पहचान को कमजोर करने जैसा है। कांग्रेस इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाएगी और परिसर को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
वहीं जिला कांग्रेस अध्यक्ष (शहर) प्रतिभा रघुवंशी ने कहा कि 30 जून की तिथि खंडवा के लिए एक और काले दिन के रूप में दर्ज होने जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार 30 जून को हरसूद डूबा था, उसी तरह अब 30 जून को खंडवा की एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक और सांस्कृतिक धरोहर पर ताला लगाने की तैयारी की जा रही है।
रघुवंशी ने कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी की लेखनी ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ऐसे महापुरुष के नाम से संचालित महाविद्यालय को बंद करना केवल एक संस्थान को बंद करना नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक विरासत को समाप्त करने जैसा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार की इच्छाशक्ति होती तो नए पाठ्यक्रम जोड़कर और आदिवासी क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा कार्यक्रम प्रारंभ कर इस संस्थान को और सशक्त बनाया जा सकता था।
उन्होंने कहा कि यह राजनीति का विषय नहीं, बल्कि खंडवा की अस्मिता और गौरव का प्रश्न है। उन्होंने पत्रकारों, बुद्धिजीवियों, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों से इस विरासत को बचाने के लिए आगे आने का आह्वान किया। रघुवंशी ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर लगातार ऐतिहासिक धरोहरों और पहचान से जुड़े संस्थानों को कमजोर किया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री से परिसर को बंद करने का निर्णय वापस लेने और खंडवा में ही संस्थान को यथावत संचालित रखने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो जनभागीदारी के साथ व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
इस अवसर पर कर्मवीर परिसर में जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह, जिला कांग्रेस अध्यक्ष शहर प्रतिभा रघुवंशी, मनोज मंडलोई ,विशाल जैन, सागर पवार ,जिला कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमांशु जैन, नासिर खान,समीर खान,वकील नीलकंठ सहित अन्य कांग्रेसजन मौजूद थे।

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