
इस धार्मिक अनुष्ठान में जो बीज बोये गए थे, उनका इतनी जल्दी बड़े होना, समाज एवं नगर के लिए शुभ संकेत है,

युवा भटक नहीं रहा है धर्म और संस्कारों से जुड़ रहा है यह हमने अनुष्ठान में देखा, ,,मुनि श्री आदित्य सागर
जैन धर्म के बड़े धार्मिक अनुष्ठान पंचकल्याणक का उत्साह पूर्वक हुआ समापन,मुनि श्री का हुआ विहार
खंडवा। उड़ा जा रहा है पंछी हरी भरी डाल से रोको रे रोको कोई मुनि को विहार से, इन पंक्तियों के साथ सैकड़ो की संख्या में सितारों के आंखों में आंसू के बीच देश के महान संत आदित्य सागर जी महाराज ने पंचकल्याणक के आखिरी दिन गुरुवार को शाम 5:10 पर इंदौर की ओर अपना विहार संघ सहित किया। सैकड़ो परिवार ने अपने घर के सामने मुनि श्री को नमन कर पाद प्रक्षालन किया। इतने कम समय में एक बड़ा धार्मिक अनुष्ठान बड़े धार्मिक उत्साह और खुशी के साथ संपन्न हुआ। लेकिन इतने कम समय में इतना बड़ा आयोजन संपन्न कर मुनी श्री ने जब विहार किया तो समाजजनों की आंखों में आंसू थे। समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि इस दादाजी की नगरी में कई चमत्कार होते रहते हैं जहां पूर्णिमा पर लाखों की संख्या में भक्त खंडवा आते हैं और पूरा शहर भक्तों की अगवानी में लग जाता है उसी के अनुरूप मात्र 15 दिनों की तैयारी में जैन समाज का सबसे बड़ा धार्मिक अनुष्ठान पंचकल्याणक महोत्सव निर्विघ्न रूप से उत्साह के साथ संपन्न होना, यह दर्शाता है कि यह नगरी संस्कारों की नगरी है। जैन समाज के लिए भूतों न भविष्यति के अनुरूप 11 अप्रैल से मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज के ससंध सानिध्य में आयोजित पंचकल्याणक महोत्सव का समापन 16 अप्रैल को शोभायात्रा एवं विधि विधान से बजरंग चौक स्थित महावीर दिगंबर जैन मंदिर में अष्टधातु की भगवान आदिनाथ,संगमरमर की भगवान मुनिसुव्रत, भगवान भरत, रत्न जड़ित भगवान पार्श्वनाथ, गौतम गणधर स्वामी की अयोध्या नगरी तापड़िया गार्डन में पंचकल्याणक के 5 दिनों में धार्मिक क्रियायो एवं मुनि संघ के द्वारा सूर्यमंत्रीत एवं विधानाचार्य पीयूष भैया जी के मंत्रोंउच्चार के साथ प्रतिष्ठित हुई प्रतिमा मुनि संघ के सानिध्य मे महावीर दिगम्बर जैन मंदिर घासपुरा मंदिर में विराजमान हुई, इस अवसर पर प्रतिष्ठित सभी प्रतिमाओं का अभिषेक एवं शांति धारा मुनि श्री के मंत्रो उच्चार के साथ की गई। समाज के सचिव सुनील जैन,प्रेमांशु चौधरी ने बताया कि कम समय की तैयारी में यह धार्मिक अनुष्ठान काफी ऊंचाइयों के साथ संपन्न हुआ। महोत्सव के छठवें दिन मोक्ष कल्याणक दिवस प्रातः 5:00 बजे से आयोजित हुआ पूजन अभिषेक के साथ विश्व शांति हेतु मां यज्ञ का आयोजन हुआ इस अवसर पर मुख्य कल्याण दिवस पर विशाल लाडू श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाया गया। इस अवसर पर मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि प्रभु और गुरुदेव के आशीर्वाद से भक्तों की भक्ति से बहुत कम समय में यह पंचकल्याणक भव्यता के साथ संपन्न हुआ है, जीवन के कल्याण के लिए ऐसे धार्मिक अनुष्ठान होते रहना चाहिए, कौन कहता है कि युवा भटक रहा है 6 दिनों के इस धार्मिक अनुष्ठान में पूरी युवा टीम ने महोत्सव में अपनी आहुती दी हें जिससे हम कह सकते हैं कि हमारे युवाओं में धार्मिक संस्कार मौजूद है, मुनि श्री ने कहा कि मेरे द्वारा कई पंचकल्याणक हुए हैं लेकिन पांच दिनों में जो जवारे बीज के रूप में बोए गए थे उसकी हरियाली इतना बड़ा रूप ले लेगी यह मैंने कभी नहीं देखा, यह समाज के लिए नगर के लिए सुख, शांति, हरियाली, खुशहाली का संदेश हे। आप सभी को बहुत बहुत-बहुत आशीर्वाद, देव शास्त्र गुरु और धर्म के प्रति सदैव समर्पित रहते हुए धार्मिक अनुष्ठान करते रहे यही जीवन का उत्सव है। समिति के प्रचार मंत्री सुनील जैन प्रेमांशु जैन, पंकज सेठी ने बताया कि भव्य पंच कल्याणक महोत्सव का गुरुवार को समापन हुआ समापन के दिन ही मुनि संघ का विहार भी हो गया। समाज ट्रस्ट मंडल के अध्यक्ष दिलीप पहाड़िया ,सचिव सुनील जैन, कोषाध्यक्ष पवन रावका, ट्रस्टी राजेंद्र छाबड़ा सुरेश लोहाडिया वीरेंद्र जैन विजय सेठी पंकज छाबड़ा द्वारा इस धार्मिक अनुष्ठान में सहयोग देने वालों का स्वागत एवं सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रदीप जैन छाबड़ा द्वारा किया गया आभार अध्यक्ष दिलीप पहाड़िया सचिव सुनील जैन ने माना।












