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*“नारी शक्ति वंदन” के ऐतिहासिक विधेयक पर नगर निगम सभागृह में विशेष सम्मेलन आयोजित*

*“नारी शक्ति वंदन” के ऐतिहासिक विधेयक पर नगर निगम सभागृह में विशेष सम्मेलन आयोजित*
खण्डवा“नारी शक्ति वंदन” जैसे ऐतिहासिक विधेयक के उपलक्ष्य में गुरुवार को नगर पालिक निगम, खंडवा के सभागृह में महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव के नेतृत्व एवं सभापति श्री अनिल विश्वकर्मा की अध्यक्षता में एक विशेष सम्मेलन आयोजित किया गया।

सम्मेलन में महापौर एवं सभापति के साथ पार्षदगण—श्रीमती रोशनी गोलकर (वार्ड 7, संत विनोबा भावे), श्रीमती सुनीता राठौर (वार्ड 20, रामगंज), श्रीमती मोनिका बजाज (वार्ड 21, बुधवारा), श्रीमती सीमा यादव (वार्ड 35, महालक्ष्मी माता), श्रीमती सुवर्णा पालीवाल (वार्ड 43, हरिगंज), श्रीमती स्वाति सकल्ले (वार्ड 49) एवं श्रीमती रानी वर्मा (वार्ड 50, आनंद) सहित अन्य मातृशक्ति जनप्रतिनिधि के रूप में उपस्थित रहीं।

पुरुष जनप्रतिनिधियों में एमआईसी सदस्य श्री सोमनाथ काले (बंडू भैया), श्री राजेश यादव, श्री अनिल वर्मा, श्री वरुण भावरे (विक्की), पार्षद श्री संतोष सारवान, श्री वेद प्रकाश मालाकार, श्री पालीवाल सहित नेता प्रतिपक्ष श्री मुल्लू राठौड़ एवं अन्य सम्माननीय पार्षदगण, सचिव श्री सचिन सितौले तथा निगम के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के प्रारंभ में सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका पद्मभूषण सुश्री आशा भोंसले के निधन पर 2 मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

इसके उपरांत सभापति की अनुमति से माननीय महापौर द्वारा “नारी शक्ति वंदन” के अंतर्गत महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाले विधेयक के समर्थन का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसे सदन द्वारा सर्वसम्मति एवं बिना किसी विरोध के सहर्ष स्वीकार किया गया।

विधेयक से संबंधित प्रमुख तथ्य:
• “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के तहत लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
• यह आरक्षण अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं पर भी लागू होगा।
• देश की पहली लोकसभा (1952) में महिलाओं का प्रतिनिधित्व मात्र लगभग 5% था, जो वर्तमान में बढ़कर लगभग 14-15% तक पहुँचा है—यह विधेयक इस अंतर को संतुलित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
• पंचायत एवं नगरीय निकायों में पहले से लागू आरक्षण के सकारात्मक परिणामों ने महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को मजबूत किया है।

सम्मेलन में दिए गए उद्बोधन:
एमआईसी सदस्य श्री सोमनाथ काले ने कहा कि “यह निर्णय केवल आरक्षण नहीं, बल्कि समाज की सोच में परिवर्तन का प्रतीक है।”
नेता प्रतिपक्ष श्री मुल्लू राठौड़ ने इसे “लोकतंत्र को अधिक समावेशी बनाने वाला ऐतिहासिक कदम” बताया।
अन्य वक्ताओं ने भी इस प्रस्ताव की सराहना करते हुए महिला सशक्तिकरण को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया।

महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि
“एक महिला सशक्त होती है तो घर सशक्त होता है, घर सशक्त होता है तो परिवार सशक्त होता है, परिवार सशक्त होता है तो समाज और अंततः पूरा देश सशक्त होता है।”

उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए माननीय प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम देश में महिलाओं की भागीदारी को नई दिशा और गति प्रदान करेगा।

कार्यक्रम का समापन सभी जनप्रतिनिधियों द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु संकल्प के साथ किया गया।

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