पीलीभीत। जनपद में पुलिस और सत्ताधारी दल के पदाधिकारियों के बीच टकराव का मामला सामने आया है। सराफा व्यापारी और भाजपा नगर महामंत्री पीयूष अग्रवाल के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी (FIR) के विरोध में सोमवार शाम भाजपा नगर कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने कोतवाली का घेराव किया और धरने पर बैठ गए।
अभद्रता और पक्षपात का आरोप
भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि ठेका चौकी प्रभारी ने नगर महामंत्री के साथ अभद्रता की और द्वेषपूर्ण भावना से कार्रवाई की है। धरने पर बैठे पदाधिकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निम्नलिखित मांगें रखीं:
निष्पक्ष जांच: दर्ज की गई प्राथमिकी की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
दरोगा पर कार्रवाई: अभद्रता करने वाले संबंधित दरोगा (चौकी प्रभारी) को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया जाए।
दबाव की राजनीति: कार्यकर्ताओं का कहना है कि पुलिस जानबूझकर जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को निशाना बना रही है।
डेढ़ घंटे तक थमी रही हलचल
कोतवाली परिसर में लगभग डेढ़ घंटे तक चले इस धरने के कारण पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा रहा। नगर कार्यकारिणी के एकजुट होकर बैठने और सख्त रुख अपनाने के बाद अधिकारियों ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं और पुलिस का रवैया नहीं बदला, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
नोट: फिलहाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मामले की फाइल देख रहे हैं और चौकी प्रभारी के विरुद्ध लगे आरोपों की जांच की बात कह रहे हैं।









