
धर्म प्रभावना बहुमंडल के तत्वाधान में आयोजित मंडल विधान का हुआ शुभारंभ
श्रीजी की पालकी यात्रा निकाल कर कराया नगर भ्रमण,पंडित प्रवीण जी शास्त्री के हुए प्रवचन
खंडवा/
धर्म प्रभावना बहुमंडल के तत्वाधान 31 जनवरी से 2 फरवरी 2026 तक आयोजित त्रिदिवसीय मंडल विधान एवं आध्यात्मिक शिविर का शुभारंभ शनिवार को हुआ।शनिवार को प्रातः श्रीजी की पालकी यात्रा निकाली गई जो श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर सराफा से घंटाघर होते हुए श्री पोरवाड़ दिगम्बर जैन धर्मशाला पहुची, पालकी यात्रा में महिलाएं केशरिया वस्त्र एवं पुरूष श्वेत वस्त्र धारण किये हुए थे।
पोरवाड़ जैन समाज के मीडिया प्रभारी प्रेमांशु चौधरी एवं सुनील जैन ने बताया कि इस अवसर पर तीन दिन में प्रतिदिन अलग-अलग प्रात: कालीन श्री ढाईद्वीप विधान, श्री रत्नकरण्ड श्रावकाचार विधान व श्री सर्वज्ञदेव विधान का आयोजन हुआ,विधान की क्रियाएं इंदौर से पधारें विधानाचार्य श्री सम्मेद जैन संपन्न करा रहे हैं।
इस अवसर पर इंदौर से ही पधारे डॉ. प्रवीणकुमारजी शास्त्री,ढाई द्वीप द्वारा प्रतिदिन सुबह विधान की जयमाला पर तथा शाम को पांच भाव पर ऐसे दोनों समय प्रवचन भी कर रहे हैं।इनके अतिरिक्त विदुषी श्रीमती प्रेक्षा जी जैन, इंदौर दोपहर में महिलाओं के लिये विशेष जैनचार की कक्षाएं ले रही हैं।
पोरवाड़ समाज के ट्रस्टी नितिन जैन ने बताया कि विधान के प्रथम दिन प्रात: प्रभातफेरी के साथ श्री ढाईद्वीप विधान से कार्यक्रम का शुभारंभ हो चुका है। साथ ही सुबह का प्रवचन में डॉ. प्रवीण जी ने विधान में आये 1165 जिनबिम्ब का संपूर्ण वर्णन किया। इससे सभी को संपूर्ण जिनबिंबो का परिचय हुआ। और दोपहर की कक्षा व शाम का प्रवचन संपन्न हुआ।इस कार्यक्रम में लगभग 150 श्रावक श्राविकाएं धर्म लाभ ले रहे हैं।
मिलन जैन ने बताया कि विधान में भगवान विराजमान करने का सौभाग्य श्रीमती मीना भारत लाल जैन अतर परिवार,जिनवाणी विराजमान करने का सौभाग्य श्रीमती किरण सत्येंद्र जैन, श्रीमती सुमन जैनी, श्रीमती सुनीता जैन, कलश विराजमान करने का सौभाग्य श्रीमती दीपिका रंजन जैन, श्रीमती प्रज्ञा जैन, श्रीमती अनुराधा जैन,श्रीमती रानी जैन ,श्रीमती शिरोमणि जैन,ध्वजारोहण करने का सौभाग्य एवं विधानकर्ता धर्म प्रभावना बहू मंडल एवं मंडल विधान की पूजा सामग्री श्रीमती श्वेता परिमल जैन द्वारा भेंट की गई।अष्ट प्रातिहार्य विराजमान करने का सौभाग्य श्रीमती सुशीला जैन श्रीमती प्रज्ञा जैन श्रीमान अतुल जैन को प्राप्त हुआ।











