
वृजेश कुमार रिपोर्ट सोनभद्र नव सृजित ब्लाक कोन के सुदूर ग्राम पंचायत करहिया के मुख्यमंत्री आवास में मनरेगा मजदूरी नहीं मिलने का मामला प्रकाश में आया है वासिन गांव के अमर सिंह मुख्यमंत्री पोर्टल (igrs ) पर शिकायत करते हुए बताया की हम एक दिब्यांग है जिसके ऐवज में उत्तर प्रदेश सरकारद्वारा हमने रहने के लिए मुख्यमंत्री आवास दिया गया था जिसकी दो किस्त मेरा आर्यवत बैंक महुली के खाता संख्या 611730100039631 में डाल दिया गया हर किस्त के बाद ग्राम प्रधान राम किशन और रोजगार सेवक पंकज कुमार द्वारा जियो टेकिंग के नाम पर पैसा मंगा गया नहीं देने पर रोजगार सेवक के द्वारा जियो टेकिंग नहीं किया गया लेकिन हमने रोजगार सेवक से न कराकर पंचायत सहायक से कराया और दो किस्त निकाल कर घर बनाया लेकिन हमें आवास की मजदूरी के लिए जॉब कार्ड की जरूरत तो ग्राम प्रधान और रोजगार सेवक द्वारा जॉब कार्ड नहीं दिया जा रहा है वासिन गांव से करहिया प्रधान की दुरी 10किमी और रोजगार सेवक का घर महुली 15किमी है हमने रोजगार सेवक के घर 2 से 3 बार गया और कई बार फोन किया तो कभी फोन उठाकर ताल मटोल और हमेशा ब्लाक पर जाने की बात कहा तो कभी फोन तक नहीं उठाया गया कई महीना बीत जाता है रोजगार सेवक और ग्राम प्रधान गांव में आते नहीं या बैठक करते जिससे हम असहाय लोगो को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके आज तक हमें दिब्यांग पेशन भी नहीं मिलता है आगे बताया सप्ताह में कम से कम रोजगार सेवक और ग्राम प्रधान 3से 4 दिन गांव में रहे और महीने में एक बार बैठक करे जिससे हम लोगो का सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके इस मामले को लेकर गांव में जानने की कोशिश किये कितने आवास धारक मिले जिनका मनरेगा की मजदूरी नहीं मिलने का प्रमाण मिले जिसमे सारिफा देवी, चिंता देवी उर्मिला देवी सुनीता देवी आदि ने बताया की हम लोगो लोगो का आवास मिले 2 साल से ज्यादा दिन हो गया लेकिन आज तक मनरेगा की मजदूरी नहीं मिला और जिम्मेदार अधिकारीयों का ध्यान आकृसित कराते हुए आवास की मनरेगा की मजदूरी की मांग किये है अब मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद भी मनरेगा मजदूरी जॉब कार्ड बना कर दिया जाता है या कागजो पर लीपा पोती और गरीब जनता को गुमराह करते रहते है ये भविष्य के गर्व में छुपा है













