मण्डलेश्वर में पक्षकारों के लिए मध्यस्थता जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन
📝 खरगोन से ब्यूरो चीफ अनिल बिलवे की रिपोर्ट…
खरगोन 17 सितंबर 2025। म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देश पर प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मण्डलेश्वर श्री अखिलेश जोशी की अध्यक्षता में जिला न्यायालय परिसर, मण्डलेश्वर के सभाकक्ष में पक्षकारों के लिए मध्यस्थता जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।
न्यायाधीश श्री अखिलेश जोशी ने मध्यस्थता जागरूकता शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यस्थता एक ऐसा माध्यम है, जिसमें किसी विवाद का हल दोनों पक्षों की सहमति से ही निकाला जाता है। इसमें उभय पक्ष अपने मन की बात कर सकता है और उसकी बात गोपनीय रखी जाती है। जिस न्यायालय में प्रकरण चल रहा होता है, उस न्यायाधीश के अलावा किसी तीसरे पक्ष को मध्यस्थ बनाया जाता है, जो दोनों पक्षों से अलग-अलग बात कर एक सर्वमान्य हल की तरफ बढ़ता है। इस प्रक्रिया से समय और धन की भी बचत होती है और दोनों पक्षों को न्याय मिलता है। इसमें दोनों पक्षों को जीत की अनुभूति होती है।
शिविर में प्रथम जिला न्यायाधीश, मण्डलेश्वर श्री राजकुमार चौहान ने कहा कि मध्यस्थता के अलावा नेशनल लोक अदालत में भी पक्षकार अपने प्रकरणों का राजीनामा समाधानपूर्वक निराकरण करवा सकते हैं।
शिविर में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मण्डलेश्वर श्रीमती प्रीति जैन ने पक्षकारों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की स्थापना, उद्देश्य, कार्य, निःशुल्क विधिक सहायता एवं मीडिएशन के कार्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री चन्द्रेश मण्डलोई ने मध्यस्थता की उपयोगिता के बारे में अवगत कराया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती निषा कौशल, असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस अधिवक्ता ने किया। शिविर में श्री रूपेश कुमार शर्मा, डिप्टी लीगल एड डिफेंस तथा पक्षकारगण उपस्थित रहे।