*जिस बात का डर था वही हुआ…*
*जाम ने ले ली जान…*
*सत्ता के नशे में चूर हो गांधारी बन गए हैं जनप्रतिनिधि*
*मांगलिया रेलवे क्रॉसिंग पर रोड बंद होने के कारण गारी पिपलिया गांव के 32 वर्षीय युवा की मौत*
*हार्ट अटैक आया था इंदौर अस्पताल ले जाते वक्त जाम लगने के कारण रास्ते में ही हो गई मौत*
*मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की मांग, दोषियों पर कार्रवाई हो*
🎯 त्रिलोक न्यूज चैनल इंदौर
मांगलिया रेलवे क्रॉसिंग पर रोड बंद करने के कारण देर रात ग्राम गारी पिपलिया गांव के बत्तीस साल के युवा संदीप पिता प्रेम सिंह पटेल को हार्ट अटैक आया घबराए हुए परिजन उसे तत्काल इंदौर अस्पताल लेकर रवाना हुए परंतु मांगलिया रेलवे क्रॉसिंग पर रोड बंद होने के कारण परिजनों ने वैकल्पिक मार्ग सिंगापुर टाउनशिप वाले रास्ते को चुना परंतु वहां पर भी टाउनशिप वाले रास्ते में कई किलोमीटर लंबी लाइन लगी थी उसमें संदीप को ले जाने वाला वाहन भी फस गया एवं उसकी युवा पत्नी के सामने ही संदीप पटेल ने तड़पते हुए जान दे दी। सूरज मेहता न्यूज चैनल लगातार इस मार्ग पर हादसे का अंदेशा होने की ख़बर प्रसारित कर रहा था लेकिन सत्ता के नशे में मदमस्त नेताओं को कोई फ़र्क नहीं पड़ा।
इस दर्दनाक मौत के कारण पूरे मांगलिया क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त हो गया एवं इस युवा की मौत के लिए ग्रामीण वासियों ने सत्ता में बैठे हुए नेताओं के साथ विपक्षी कांग्रेस पार्टी के नेताओं को भी दोषी ठहराया।
ग्राम गारी पिपलिया के देवेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि प्रशासन की गम्भीर लापरवाही के कारण हमारे परिवार के एक युवा सदस्य की असमय मौत हो गई। आखिरकार इसका जिम्मेदार कौन???
किसान नेता हंसराज मंडलोई ने कहा कि संदीप पटेल के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं एवं उसकी पत्नी युवावस्था में ही बेसहारा हो गई है इसलिए सरकार संदीप पटेल के परिजनों को ₹50 लाख की आर्थिक सहायता दे इसके साथ ही उसके बच्चों की पढ़ाई का खर्च सरकार वहन करे एवं जल्द से जल्द रास्ते को चालू किया जाए अन्यथा क्षेत्रीय निवासी बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे ग्राम गारी पिपलिया के ही शिव सिंह पटेल धन सिंह पटेल निर्भय सिंह पटेल जितेंद्र चौहान आदि ग्रामीणों ने भी इस मांग का समर्थन किया है।






