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*विश्व संगीत दिवस पर सद्भावना मंच का आयोजन*

खास खबर

*विश्व संगीत दिवस पर सद्भावना मंच का आयोजन*

*संगीत वो भाषा है जो बिना बोले ही सीधा आत्मा को छू जाती*

खंडवा। संगीत साज़ और आवाज़ का एक अनोखा मेल और दिलों को जोड़ने का बेहतरीन खेल है। जैसे हर सांस में जीवन है, वैसे ही हर सुर में संगीत है। संगीत वो भाषा है जो बिना बोले ही सीधा आत्मा को छू जाती है। जब शब्द कम पड़ जाएं, तब संगीत ही जीवन में सुकून की राह दिखाता है। यह बात सदभावना मंच संस्थापक प्रमोद जैन ने विश्व संगीत दिवस पर सदस्यों को संबोधित करते हुए कहीं। यह जानकारी देते हुए मंच के निर्मल मंगवानी ने बताया कि विश्व संगीत दिवस पर मालीकुआ स्थित कार्यालय पर मंच संस्थापक प्रमोद जैन, डॉ.जगदीशचंद्र चौरे, ओम पिल्लै, केबी मनसारे, सुरेंद्र गीते, अनूप शर्मा, गणेश भावसार, निर्मल मंगवानी, अजय मंडलोई, योगेश गुजराती, डॉ. एमएम कुरेशी, राधेश्याम शाक्य, सुभाष मीणा, पं. गोपाल भारद्वाज, त्रिलोक चौधरी, धीरज नैगी, अशोक पारवानी, दीलिप गंगराडे, राजेश पोरपंथ, मनीष गुप्ता आदि सहित अनेक सदस्यों द्वारा एक से एक बेहतरीन गीतों को कराओके पर प्रस्तुत कर विश्व संगीत दिवस मनाया गया।

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