
*संवाद और समझ से सुलझी नाराजगी, सुरक्षित घर लौटा नाबालिग*
खंडवा। मुंबई में सातवीं कक्षा में पढ़ने वाला एक नाबालिग पसंदीदा स्कूल में प्रवेश नहीं मिलने से नाराज होकर घर छोड़कर बिना टिकट ट्रेन से अपनी माता के पास जाने निकल पड़ा। टिकट जांच के दौरान टीटी ने उसे खंडवा स्टेशन पर उतारा, जहां आरपीएफ ने उसे संरक्षण में लेकर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया।
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष प्रवीण शर्मा के नेतृत्व में बच्चे की मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग की गई। इसके बाद उसके पिता को खंडवा बुलाकर बालक को सुरक्षित सुपुर्द किया गया। इस दौरान समिति सदस्य मोहन मालवीय एवं कविता पटेल तथा बाल संरक्षण अधिकारी टीका सिंह बिल्लौरे, पुष्पेंद्र सिंह मंडलोई और धर्मेंद्र चौहान उपस्थित रहे।
प्रवीण शर्मा ने कहा कि बच्चों में बढ़ती अपेक्षाओं और भावनात्मक दबाव के कारण वे कई बार आवेश में गलत निर्णय ले लेते हैं। अभिभावकों को बच्चों से नियमित संवाद कर उनकी भावनाओं को समझने का प्रयास करना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।












