
गौरेला परिक्षेत्र अंतर्गत पण्डरीपानी परिसर के कक्ष क्रमांक 2343 में सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई को लेकर मरवाही वनमंडल प्रशासन ने स्पष्टीकरण जारी किया है। विभाग के अनुसार, लगभग 298 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले इस कक्ष में वर्ष 2009-10 के दौरान सामाजिक वानिकी परियोजना के तहत करीब 103 हेक्टेयर में सागौन का रोपण किया गया था।
वन विभाग ने बताया कि यह क्षेत्र चार ग्राम पंचायतों — कोरजा, गांगपुर, डाहीबहरा और पण्डरीपानी — से घिरा हुआ है। इन पंचायतों के अंतर्गत आने वाली नौ बस्तियों का दबाव लगातार इस वन क्षेत्र पर बना हुआ है, जिसके चलते क्षेत्र में अत्यधिक जैविक दबाव की स्थिति निर्मित हुई है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कई ग्रामीणों द्वारा सागौन की लकड़ी का उपयोग निस्तार कार्यों जैसे मकान निर्माण, अंतिम संस्कार तथा बाड़ी निर्माण के लिए किया गया। कार्रवाई के दौरान भैंसलोटी, बांदाटोला, नवाटोला, बालधर और गांगपुर समेत विभिन्न गांवों से सागौन की बल्लियां बरामद की गई हैं।
वन विभाग के अनुसार, वर्तमान में वनमंडलाधिकारी मरवाही, उपवनमंडलाधिकारी गौरेला, उड़नदस्ता दल तथा क्षेत्रीय वन अमले की संयुक्त टीम मौके पर सर्वेक्षण और जांच कर रही है। अब तक लगभग 500 नग सागौन बल्लियां और 5 घनमीटर से अधिक इमारती लकड़ी बरामद कर जप्त की जा चुकी है। जब्त सामग्री को सुरक्षित अभिरक्षा हेतु मड़ना काष्ठागार पहुंचाया जा रहा है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूरे क्षेत्र का विस्तृत सर्वेक्षण जारी है। सर्वेक्षण पूर्ण होने के बाद दोषियों की पहचान कर क्षति का आंकलन किया जाएगा तथा नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।










