केंद्रीय मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने बालक–बालिका गृह स्वीकृत करने के लिए आश्वस्त किया
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केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर को खंडवा जिले के प्रवास के दौरान बाल संरक्षण एवं बाल अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में खंडवा जिले में किए जा रहे कार्यों के बारे में अध्यक्ष, न्यायपीठ बाल कल्याण समिति श्री प्रवीण शर्मा ने जानकारी दी। उन्होंने इस अवसर पर जिले में बाल संरक्षण अधिकारों के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि किशोर न्याय अधिनियम के अंतर्गत संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए जिले में संवेदनशीलता के साथ त्वरित सुनवाई, परामर्श, पुनर्वास एवं विभिन्न विभागों के बीच समन्वयात्मक प्रयास निरंतर किए जा रहे हैं। श्री प्रवीण शर्मा ने मंत्री श्रीमती ठाकुर को बताया कि बालक एवं बालिकाओं के लिए स्थायी गृह के अभाव में कई बार व्यवहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, अतः बाल संरक्षण ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए इन गृहों की स्थापना अत्यंत आवश्यक है।
बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड के सदस्यों द्वारा केंद्रीय मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर के समक्ष जमीनी चुनौतियों से अवगत कराते हुए बाल संरक्षण संस्थानों की स्थापना की मांग रखी गई। इस पर केंद्रीय मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि बाल संरक्षण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बालक एवं बालिका गृह स्थापना हेतु विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर मंत्रालय को भेजने के निर्देश दिए, ताकि नियमानुसार स्वीकृति जारी की जा सके।
इस अवसर पर बाल कल्याण समिति सदस्य मोहन मालवीय, रुचि पाटिल, कविता पटेल एवं स्वप्निल जैन, तथा किशोर न्याय बोर्ड सदस्य पन्नालाल गुप्ता एवं कल्पना जायसवाल भी उपस्थित थे।










