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कथा सुनने के साथ-साथ कथा के प्रसंगो का मनन करें :चिन्मयानंद बापू

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कथा सुनने के साथ-साथ कथा के प्रसंगो का मनन करें :चिन्मयानंद बापू

चल रही शिव पुराण कथा में सांसद विधायक ने पहुंच कर आशीर्वाद प्राप्त कर कथा का श्रवण किया।

खंडवा।। दादाजी की पावर नगरी में भवानी माता मंदिर प्रांगण में अंतर्राष्ट्रीय संत चिन्मयानंद बापू जी की श्री शिव महापुराण कथा चल रही है जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु कथा का श्रवण कर रहे हैं। भवानी माता मंदिर में चल रही श्री शिव महापुराण के तृतीय दिवस खंडवा लोकसभा क्षेत्र के सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल खंडवा विधायक कंचन मुकेश तनवे ने कथा में पहुंचकर व्यास पीठ का पूजन कर संत श्री का आशीर्वाद प्राप्त किया एवं कथा का श्रवण किया। कथा के क्रम को आगे बढ़ाते हुए बापूजी ने कहा कि आज लोग कथा सुनते हैं लेकिन कथा जैसे ही पूरी हो जाती है और घर पहुंचते ही लोग सब कुछ भूल कर फिर से अपने कामों में व्यस्त हो जाते हैं लेकिन यदि आप चाहते हैं कि कथा से आप का कल्याण हो और कथा आपकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण करें तो कथा सुनने के साथ-साथ कथा को मनन करते हुए अपने ह्रदय में धारण करें और जो कथा में बताया गया है उसका हम अनुसरण करें और अपने जीवन में उस चीज को लाएं तभी कथा हमारा कल्याण करेगी और कथा से हमारी मनोकामनाएं पूर्ण हो बापूजी ने कहा कि आजकल दूसरे धर्म के लोग हमारे भगवान के प्रति हमारे ही बच्चों को जो भ्रमित कर रहे हैं कि तुम्हारे भगवान ऐसा है और हमारे भगवान के विषय में गलत गलत बातें करके उनको भ्रमित करते हैं इसमें सबसे बड़ी गलती आजकल मां-बाप की है मां बाप अपने बच्चों को प्रारंभ से ही धर्म की शिक्षा नहीं देते हैं अच्छे से अच्छी पढ़ाई कराना तो चाहते हैं लेकिन धर्म की शिक्षा से वंचित रखते हैं इसका दूसरे धर्म के लोग फायदा उठाते हैं और दूसरे धर्म के लोग हमारे बच्चों को गलत गलत बातें सिखा कर उनका धर्म परिवर्तन कराते हैं और उनको अपने धर्म में ले जाकर उनका गलत शोषण करते हैं और तब हम बाद में दुखी होते हैं इसीलिए आज के समय में हर मां-बाप को चाहिए कि अपने बच्चों में धर्म की शिक्षा दें अपने भगवान के बारे में उनको बताएं उनको कथा में लेकर आए जिससे कि उनको सनातन धर्म के विषय में जानकारी हो और वह समझ सके कि सनातन धर्म सबसे बड़ा धर्म है और अन्य धर्मों की लालच भरी बातों में ना आकर अपने धर्म को ही वह आगे बढ़ाएं बापू ने कहा कि केरला में जिस प्रकार से 30,000 हिंदू बेटियों का धर्म परिवर्तन करा कर और उनका शोषण किया गया इससे भारत का संत समाज बहुत नाराज है और व्यासपीठ से में प्रत्येक मां-बाप से कहूंगा कि अपने बच्चों को कथा में लेकर आएं और उनको धर्म की शिक्षा दें ताकि ऐसा कृत्य दूसरे धर्म के लोग दोबारा ना कर पाए कथा के क्रम को आगे बढ़ाते हुए कहा कि शिवलिंग का जो स्वरूप है वह निराकार ब्रह्म का ज्योति स्वरूप ही शिवलिंग है हमारे धर्म में जो ग्रंथ है जो वेद है जो पुराण हैं उप निषद हैं वह सभी हमारे लिए एक सही मार्ग और जीवन को कैसे जीना है इसका ढंग बताते हैं यदि हमें अपने जीवन को गलत व्यसन से बचाना है और समस्त प्रकार की समस्याओं से निकलना है तो ग्रंथों का आश्रय अवश्य करें बापू जी ने कहा कि आज के लोग जो ग्रंथों से दूरियां बना रहे हैं इसीलिए उनका जीवन तनावमुक्त है और उनको समस्या का समाधान प्राप्त नहीं हो रहा है इसलिए सभी लोग वेदों का उपनिषद का और ग्रंथों का पुराणों का आश्रय करें इसी में सबकी भलाई है। आज कथा में मुख्य अतिथि के रूप में खंडवा के सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटिल जी,विधायक श्रीमति कंचन मुकेश तन्वे,
श्री राम धारी मित्तल, प्रदीप कसेरा, मुख्य यजमान संजय अग्रवाल , नरेश जांगिड, अखलेश बाबनिया, ब्रजेश त्यागी, सुनील जैन, उपाध्याय, यदुनंदन तारे , महेंद्र सावले , राहुल दशोरे, हितेश पटेल, प्रियंका अमित सुघंधी, विनोद मार्कण्डेय, और समस्त विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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