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हम सुख में हो या दुख में धर्म और देव शास्त्र गुरु के प्रति समर्पण हमें नहीं छोड़ना है, ,विश्रुत सागर महाराज,

चल रहे अष्टानिका पर्व के दौरान मंडल विधान की पूजा के साथ हो रहा हे भगवान का अभिषेक और शांति धारा,

हम सुख में हो या दुख में धर्म और देव शास्त्र गुरु के प्रति समर्पण हमें नहीं छोड़ना है, ,विश्रुत सागर महाराज,

चल रहे अष्टानिका पर्व के दौरान मंडल विधान की पूजा के साथ हो रहा हे भगवान का अभिषेक और शांति धारा,

खंडवा।। पुण्योदय से हमें जैन कुल मिला है, जिसमें हमने अहिंसा और धर्म को बचपन से देखा और ग्रहण किया! पाप कितने और कौनसे हैं हम सभी बचपन से जानते हैं ! हमारे लिए क्या सही है क्या गलत ,यह हमारा पुण्योदय ही है ! शास्त्रों में भूत में कई कालखंडों में निर्ग्रंथ मुनिराजों की दैशना का अभाव बताया है,हम पुण्यशाली हैं , हम निर्ग्रन्थ साधुओं की देशना और समवशरण के साक्षी बनते हैं ! आवश्यकता बस इसी पुण्य की अभिवृद्धि की है, पुण्यानुबंधी हो या पापानुबंधी ,हम सुख में हो चाहे दुख में,हमें धर्म नही छोडना चाहिए और ना ही देव,शास्त्र और गुरु के प्रति समर्पण। श्रद्धान और दान धर्म का पालन सम्यकदर्शन की और ले जाता है ! मरणकंडिका में लिखा है जो सम्यकदृष्टि ही दान करने की शक्ति रखता है ! दान की भावना रखने वाला सम्यकदर्शन का अधिकारी होता है। उपरोक्त वचन खंडवा में विराजित प.पूज्य उपाध्याय विश्रुतसागर जी मुनिराज ने सराफा धर्मशाला में चल रही प्रवचन माला में संबोधित किये। समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि इससे पूर्व प.पूज्य मुनिराज निर्वेदसागरजी महाराज ने समाधि सम्राट विरागसागरजी महाराज के वात्सल्य,प्रभाव एवं देशना की चर्चा करते हुये विनयांजली प्रेषित की। इससे पूर्व धर्मसभा का मंगलाचरण श्रीमती योगिता जैन ने सुमधुर भजन से किया ! कार्यक्रम में दीप प्रज्ज्वलन श्रीमती राजकुमारी जैन,श्रीमती विनीता जैन ने किया ! मुनि सेवा समिति के प्रचार मंत्री सुनील जैन प्रेमांशु चौधरी ने बताया कि इन दिनों पर्व के तहत खंडवा के समस्त दिगंबर जैन मंदिरों में मंडल विधान की पूजा भगवान का अभिषेक शांति धारा के साथ खंडवा में चातुर्मास हेतु विराजमान विश्रुत सागर महाराज एवं निवेद सागर जी महाराज के प्रवचनों का लाभ श्रावक प्राप्त कर रहे हैं सराफा जैन मंदिर में 9:00 बजे भगवान का अभिषेक शांति धारा के साथ दोपहर में नंदीश्वर दीप मंडल विधान की पूजा की जा रही है। शनिवार को मंदिर में श्री जी की शांति धारा करने का सौभाग्य प्रेमांशु स्वर्गीय सुभाष चंद्र चौधरी परिवार को प्राप्त हुआ। सभी को विदित होवे की पूज्य मुनिसंघ के मंगल प्रवचनों का लाभ प्रतिदिन सुबह 8.30 से 9.30 सराफा जैन धर्मशाला मे लिया जा सकता है !शनिवार को पूज्य मुनिसंघ की आहारचर्या का सौभाग्य श्रीमती शानू योगेंद्र जैन एवं श्री श्रीमती साधना राजेश जैन परिवार ने प्राप्त किया। बडी संख्या में साधर्मी बंधु प्रवचन एवं आहारचर्या के साक्षी बने।

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