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पुरैनी दीपनगर में जंगल किनारे संवेदनशील इलाके में तार फेंसिंग न होने के विरोध में जेसीबी मशीन के आगे बैठी महिलाएं

पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व की माला रेंज में मानव वन जीव संघर्ष की कई घटनाएं हो जाने के बाद 7 करोड रुपए की धनराशि तार फेंसिंग के लिए स्वीकृत हुई। काफी दिनों तक मामला न्यायालय में चला रहा। अब जब तार फेंसिंग का कार्य प्रारंभ किया गया तो पुरैनी दीपनगर कें ग्रामीणों ने संवेदनशील इलाके में तार फेंसिंग ना होने का आरोप लगाया है।

तार फेंसिंग के लिए खुदाई करने आई जेसीबी मशीन के आगे बैठकर महिलाओं ने कार्य रोक कर विरोध प्रदर्शन किया।
कलीनगर तहसील के गांव पुरैनी दीपनगर, मथना जपती और जमुनिया में बाघ के हमले के मामले में काफी संवेदनशील इलाका रहा है। यहां पर आधा दर्जन से अधिक ग्रामीणों की पिछले कुछ महीनों में बाघ के हमले से मृत्यु हो गई थी।

इसके बाद वन विभाग ने जंगल के किनारे तार फेंसिंग का कार्य प्रारंभ कर दिया। कई स्थानों पर तार फेंसिंग का कार्य किया जा चुका है। बुधवार को माला वन क्षेत्र में तार फेंसिंग के लिए जेसीबी से खुदाई की जा रही थी। तभी पुरैनी दीपनगर की महिलाएं कार्यस्थल पर पहुंचकर जेसीबी मशीन के आगे बैठ गई महिलाओं ने कार्य रुकवा दिया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि स्वरूप सिंह की बाघ के हमले से मृत्यु हुई थी। तब वन विभाग ने सबसे पहले यहां पर तार फेंसिंग करने की बात कही थी।

लेकिन अब लगभग 1 किलोमीटर तक कें संवेदनशील इलाके को छोड़ दिया गया है। यहां पर अभी भी बाघ का खतरा बना हुआ है। सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। उधर माला वन क्षेत्र के रेंजर रॉबिन सिंह ने महिलाओं को खाली स्थान पर भी तार फेसिंग करने का आश्वासन दिया तब महिलाएं जेसीबी मशीन के आगे से हटी। तब जाकर कार्य प्रारंभ हो सका।

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